Unimech का बड़ा एक्विजिशन: Hobel Bellows पर दांव
Unimech Aerospace and Manufacturing अपनी रणनीति को आगे बढ़ाते हुए Hobel Bellows का ₹4.5 अरब में अधिग्रहण कर रही है। इस कदम से कंपनी का फोकस प्रीसिजन कंपोनेंट्स से हटकर अब ज़्यादा कॉम्प्लेक्स, इंटीग्रेटेड इंजीनियर्ड असेंबली और सब-सिस्टम्स पर होगा। इस अधिग्रहण से ऑपरेशन्स और एफिशिएंसी में सुधार की उम्मीद है। Hobel Bellows, जो मेटैलिक बेलोज़ और प्रीसिजन असेंबली में माहिर है, ने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) में ₹123.7 करोड़ का रिवेन्यू दर्ज किया था। माना जा रहा है कि यह डील मुनाफे और कैश फ्लो को बढ़ाएगी, साथ ही इंडस्ट्रियल और एयरोस्पेस मार्केट्स में Unimech की एक्सपोर्ट पहुंच को भी मज़बूत करेगी।
Anand Rathi की 'BUY' रेटिंग और ग्रोथ का अनुमान
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Anand Rathi ने Unimech Aerospace के शेयर पर BUY की रेटिंग को दोहराया है और शेयर के लिए ₹1,435 का टारगेट प्राइस तय किया है। यह टारगेट प्राइस कंपनी की FY28 की अनुमानित अर्निंग्स पर शेयर (EPS) का 50 गुना है, जो कि मौजूदा ₹1,000-₹1,110 के आसपास के ट्रेडिंग लेवल से काफी ज़्यादा पोटेंशियल दिखाता है। Anand Rathi का अनुमान है कि FY25 से FY28 के बीच कंपनी का रिवेन्यू औसतन 44.9% सालाना की दर से बढ़ेगा। इस ग्रोथ की उम्मीद एयरो-टूलिंग को बढ़ाने, Hobel Bellows के अधिग्रहण, और न्यूक्लियर, सेमीकंडक्टर, व डिफेंस से जुड़े प्रोसेस कंट्रोल असेंबली (PCAs) जैसे सेक्टर्स में विस्तार से है। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना 20.5% की दर से बढ़ने का अनुमान है, और FY28 तक रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (RoCE) 16.1% तक पहुंचने की उम्मीद है। एनालिस्ट्स का मानना है कि फैक्ट्री यूटिलाइजेशन बढ़ने, बेहतर प्रोडक्ट मिक्स और एफिशिएंसी में सुधार से ये नतीजे सामने आएंगे।
नए सेक्टर में एंट्री: न्यूक्लियर, सेमीकंडक्टर और डिफेंस
Unimech का न्यूक्लियर और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्रीज़ में प्रवेश राष्ट्रीय ग्रोथ प्लांस के साथ अलाइन करता है। भारत का सेमीकंडक्टर मार्केट 2030 तक $100 बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है, जिसे सरकारी पहलों का भी समर्थन मिल रहा है। देश अपनी न्यूक्लियर पावर कैपेसिटी को भी बढ़ा रहा है, जिसका लक्ष्य 2047 तक 100 GW है। Unimech को हाल ही में NPCIL से तारापुर एटॉमिक पावर स्टेशन में सपोर्ट इक्विपमेंट के लिए ₹72.20 करोड़ का ऑर्डर मिला है, जिसकी डिलीवरी दिसंबर 2028 तक होनी है। ये लॉन्ग-टर्म प्रोजेक्ट्स Unimech को इन अहम सेक्टर्स में बढ़ती मांग का फायदा उठाने के लिए तैयार करते हैं।
एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर में बूम, पर कॉम्पिटिशन भी
भारत का एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर सरकारी खर्चों में बढ़ोतरी और 'मेक इन इंडिया' प्रोग्राम के कारण तेज़ी से बढ़ रहा है। डिफेंस प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट्स में ज़ोरदार ग्रोथ देखी जा रही है। Unimech इंडस्ट्रियल मशीनरी और एयरोस्पेस कंपोनेंट्स मार्केट में कॉम्पिटिशन करती है। ₹5,126-₹5,651 करोड़ के मार्केट वैल्यू के साथ, यह स्मॉल-टू-मिड-कैप रेंज में आती है। इसके बड़े कॉम्पिटिटर्स में Hindustan Aeronautics Ltd (HAL) जैसी कंपनियां और Data Patterns व Paras Defence जैसे स्पेशलाइज्ड प्लेयर शामिल हैं। Unimech का लक्ष्य हाई-प्रीसिजन, कॉम्प्लेक्स असेंबलीज़ पर फोकस करके ज़्यादा मार्जिन वाला बिज़नेस हासिल करना है, जिससे वह दूसरों से अलग दिखे।
चिंताएं: हाई वैल्यूएशन और हालिया परफॉरमेंस
हालांकि, Unimech Aerospace को वैल्यूएशन से जुड़ी बड़ी चिंताओं का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो 77.2x या 222.23x तक चला गया था, जो बताता है कि शेयर की मौजूदा कीमत में भविष्य की काफी ग्रोथ पहले से ही शामिल है। इसकी तुलना में, एक बड़ी पीयर कंपनी HAL करीब 33.4x के P/E पर ट्रेड कर रही है। हालिया फाइनेंशियल नतीजों ने भी चिंताएं बढ़ाई हैं। Unimech ने Q3 FY26 में साल-दर-साल रिवेन्यू में 37% की भारी गिरावट, PBT में 80% की कमी और PAT में 85% की गिरावट दर्ज की थी। EPS भी ₹3.37 से घटकर ₹0.47 रह गया था। मैनेजमेंट ने रिवेन्यू में गिरावट का कारण US टैरिफ को बताया है और Q4 में रिकवरी की उम्मीद जताई है, लेकिन यह एक्विजिशन को इंटीग्रेट करने और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को मैनेज करने में संभावित अनिश्चितताओं और कठिनाइयों को दर्शाता है। Hobel Bellows को सफलतापूर्वक इंटीग्रेट करना और डाइवर्सिफिकेशन को मुनाफेमंद बनाना, इसके हाई वैल्यूएशन को सपोर्ट करने के लिए महत्वपूर्ण होगा। एनालिस्ट्स के कंसेंसस के अनुसार, एक साल का औसत प्राइस टारगेट ₹1,402.5 है, जो पॉजिटिव लेकिन हाई वैल्यूएशन वाले व्यू को दर्शाता है।
एक्सपर्ट्स की राय: ग्रोथ की उम्मीद, वैल्यूएशन अहम
एनालिस्ट्स Unimech Aerospace की ग्रोथ प्रोस्पेक्ट्स को लेकर पॉजिटिव बने हुए हैं, जो हालिया एक्विजिशन और मज़बूत इंडस्ट्री पोजिशनिंग से प्रेरित है। Anand Rathi का ₹1,435 का टारगेट प्राइस, शेयर के प्रीमियम वैल्यूएशन को बनाए रखने की उम्मीद को दर्शाता है। इसी तरह के फोरकास्ट, लगभग ₹1,402.5 के औसत टारगेट प्राइस का सुझाव देते हैं। कंपनी की रणनीति एयरोस्पेस, डिफेंस, न्यूक्लियर और सेमीकंडक्टर सेक्टर्स में मांग को पूरा करने के लिए अपनी इंजीनियरिंग स्किल्स का उपयोग करने पर केंद्रित है, जिसका लक्ष्य एडवांस्ड प्रोडक्ट्स और बेहतर ऑपरेशन्स के ज़रिए मुनाफे को बढ़ाना है।
