UltraTech Cement ने फाइनेंशियल ईयर 2026 का समापन जोरदार नतीजों के साथ किया है। वॉल्यूम में 9% की ग्रोथ और बेहतर प्राइसिंग के दम पर कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 20.2% बढ़कर ₹2,983 करोड़ हो गया, जो एनालिस्ट्स की उम्मीदों से भी ज्यादा था। रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स 11.9% बढ़कर ₹25,799 करोड़ रहा। वहीं, अर्निंग्स बिफोर इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन और एमोर्टाइजेशन (EBITDA) 21.3% की उछाल के साथ ₹5,600 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, और EBITDA मार्जिन सुधरकर 21.7% हो गया।
कंपनी के लिए एक और बड़ी खबर यह है कि बोर्ड ने ₹240 प्रति इक्विटी शेयर का रिकॉर्ड स्पेशल डिविडेंड (Dividend) देने की सिफारिश की है, जो कुल मिलाकर ₹7,072.30 करोड़ होता है। यह कंपनी के मजबूत कैश फ्लो और शेयरहोल्डर्स को रिटर्न देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी ने पहली बार ₹8,000 करोड़ से ज्यादा का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया।
कैपेसिटी के मोर्चे पर भी कंपनी ने अपना दबदबा कायम रखा है। UltraTech Cement ने 200 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) की घरेलू सीमेंट कैपेसिटी के बड़े माइलस्टोन को पार कर लिया है, और अब यह 200.1 MTPA पर पहुंच गई है। उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और झारखंड में नई ग्राइंडिंग यूनिट्स के साथ, कंपनी की ग्लोबल कैपेसिटी अब 205.5 MTPA है। यह आंकड़ा UltraTech को चीन के बाहर दुनिया का सबसे बड़ा सीमेंट उत्पादक बनाता है। Q4 FY26 में कैपेसिटी यूटिलाइजेशन 89% तक पहुंच गया, जो हाउसिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और कमर्शियल सेक्टर्स में मजबूत मांग का संकेत है। हालिया अधिग्रहण, जिसमें India Cements और Kesoram शामिल हैं, को भी उम्मीद से पहले सफलतापूर्वक इंटीग्रेट कर लिया गया है।
बाजार में UltraTech Cement का स्टॉक प्रीमियम वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है। अप्रैल 2026 के अंत तक, यह लगभग 45-47x के प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो पर था, जो Ambuja Cements (21-29x) और Dalmia Bharat (31-54x) जैसे प्रतिस्पर्धियों की तुलना में काफी ज्यादा है। हालांकि, 45 एनालिस्ट्स की तरफ से 'स्ट्रॉन्ग बाय' रेटिंग और 13% से ज्यादा की संभावित अपसाइड के साथ ₹13,636 से ₹14,303 तक के टारगेट प्राइस, यह दर्शाते हैं कि एनालिस्ट्स को कंपनी की ग्रोथ और एफिशिएंसी पर भरोसा है। Jefferies ने ₹14,050 के टारगेट के साथ 'बाय' रेटिंग बरकरार रखी है, जबकि Morgan Stanley ने ₹14,600 के टारगेट पर 'ओवरवेट' रेटिंग दी है।
हालांकि, फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए कुछ चुनौतियां भी हैं जिन पर नजर रखनी होगी। कंपनी ने खुद माना है कि रॉ मैटेरियल्स और एनर्जी जैसी इनपुट कॉस्ट में बढ़ोतरी हो सकती है, जिसके पीछे जियोपॉलिटिकल फैक्टर भी हो सकते हैं। ऐसे में, मौजूदा मार्जिन को बनाए रखना और बढ़ती ग्लोबल प्राइसिंग के बीच प्रतिस्पर्धा का सामना करना एक बड़ी चुनौती होगी। कंपनी पर ₹5,500 करोड़ का उधार है, जिसे AAA क्रेडिट रेटिंग के सपोर्ट से मॉनिटर किया जा रहा है।
आगे की बात करें तो, एनालिस्ट्स का अनुमान है कि FY26 से FY28 के बीच कंपनी के वॉल्यूम और EBITDA में क्रमशः 11% और 17% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ोतरी होगी। अगले तीन सालों में ₹16,000 करोड़ से ज्यादा के केपेक्स (Capex) के साथ कंपनी ऑर्गेनिक एक्सपेंशन और स्ट्रैटेजिक अधिग्रहण पर फोकस करना जारी रखेगी। इसके अलावा, कंपनी अपने बिल्डिंग सॉल्यूशंस पोर्टफोलियो को डाइवर्सिफाई करने के लिए Q3 FY27 में केबल्स और वायर्स भी लॉन्च करने की योजना बना रही है।
