UltraTech Cement ने गुजरात के झगड़िया प्लांट में वायर्स और केबल्स की कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू कर दी है। उम्मीद से जल्दी शुरू हुए इस कामकाज के कारण Polycab India और KEI Industries जैसे सेक्टर के दिग्गज शेयरों में भारी बिकवाली देखी जा रही है।
मार्केट पर असर
Aditya Birla Group की कंपनी UltraTech Cement का यह कदम मार्केट के लिए पूरी तरह अनपेक्षित था, क्योंकि यह तय समय से पहले हुआ है। कंपनी के इस नए प्लांट की क्षमता 10.98 लाख किलोमीटर सालाना है, जो हाउस वायर्स और लाइट-ड्यूटी केबल्स पर केंद्रित है। जैसे ही प्रोडक्शन की खबर आई, केबल सेक्टर की कंपनियों में हड़बड़ी मच गई। KEI Industries के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई, वहीं Polycab India पर भी भारी दबाव दिखा। Havells India के शेयर भी मामूली गिरावट के साथ बंद हुए।
क्यों डरे हुए हैं निवेशक?
बाजार का मानना है कि UltraTech के पास पहले से ही सीमेंट और कंक्रीट का एक विशाल डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क मौजूद है। यदि कंपनी अपने इसी नेटवर्क के जरिए वायर्स और केबल्स को बंडल ऑफर्स के साथ मार्केट में उतारती है, तो मौजूदा खिलाड़ियों की प्राइसिंग पावर को बड़ा झटका लग सकता है। निवेशकों को मार्जिन प्रेशर और कॉम्पिटिशन बढ़ने का डर सता रहा है।
फाइनेंशियल टारगेट्स और एक्सपेंशन
UltraTech ने इस वेंचर के लिए कुल ₹1,800 करोड़ का कैपेक्स (Capex) प्लान किया था, जिसमें से ₹888 करोड़ 30 जून 2026 तक खर्च किए जा चुके हैं। कंपनी का लक्ष्य 25% का इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न और 20% से ज्यादा का रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड हासिल करना है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या दिग्गज कंपनियां अपनी मार्केट हिस्सेदारी बचाने के लिए कीमतों में कटौती करती हैं या नहीं।
