UFLEX के नतीजे: रेवेन्यू में गिरावट, मुनाफे में भारी सेंध, कर्ज ₹8,881 करोड़ के पार
भारत की जानी-मानी फ्लेक्सिबल पैकेजिंग कंपनी UFLEX Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे पेश किए हैं, जो कंपनी के लिए एक मुश्किल दौर का संकेत दे रहे हैं। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 3.8% की गिरावट आई है, वहीं नेट प्रॉफिट में 73.6% की भारी सेंध लगी है। इसके अलावा, कंपनी पर कर्ज का बोझ बढ़कर ₹8,881 करोड़ हो गया है, जो निवेशकों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है।
तिमाही नतीजों पर एक नज़र:
Q3 FY26 के दौरान, UFLEX का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल की इसी अवधि के ₹3,777.5 करोड़ से घटकर ₹3,632.9 करोड़ रहा। पिछले क्वार्टर (Q2 FY26) के मुकाबले भी इसमें 5.9% की गिरावट आई। नॉर्मलाइज्ड EBITDA 16.1% गिरकर ₹439.5 करोड़ पर पहुंच गया, हालांकि यह पिछले क्वार्टर से 12.8% बेहतर था। सबसे चौंकाने वाली बात नेट प्रॉफिट में रही, जो पिछले साल की Q3 के ₹136.8 करोड़ की तुलना में 73.6% लुढ़ककर मात्र ₹36.1 करोड़ रह गया। अच्छी खबर यह है कि पिछले क्वार्टर के ₹26.9 करोड़ के मुकाबले इसमें 34.3% की बढ़ोतरी हुई।
Standalone बेसिस पर कंपनी की स्थिति और भी नाजुक दिखी, जहां PAT (Profit After Tax) में 96.2% की भारी गिरावट दर्ज की गई और यह केवल ₹2.2 करोड़ रह गया।
हालांकि, चालू फाइनेंशियल ईयर के नौ महीनों (9M FY26) के नतीजों पर नजर डालें तो कुछ सुधार दिखता है। इस अवधि में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 0.8% बढ़कर ₹11,415.7 करोड़ हुआ। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पिछले साल की इसी अवधि में ₹26.2 करोड़ का नेट लॉस दर्ज करने वाली कंपनी ने इस बार ₹121.1 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है। यह दर्शाता है कि तिमाही के नतीजे भले ही कमजोर रहे हों, पर साल-दर-साल प्रदर्शन सुधर रहा है।
कंपनी अपनी रणनीति के तहत वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स पर ज्यादा ध्यान केंद्रित कर रही है, जिसमें 28.2% की वृद्धि देखी गई। वहीं, उसके मुख्य पैकेजिंग फिल्म्स सेगमेंट में 20.6% की कमी आई है। यह बदलाव मार्जिन को मजबूत करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
बढ़ता कर्ज और घटता EBITDA:
UFLEX के लिए बढ़ता कर्ज एक गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। 31 दिसंबर 2025 तक, कंपनी पर कुल ग्रॉस डेट ₹9,454.6 करोड़ था, और नेट डेट (Net Debt) बढ़कर ₹8,881.0 करोड़ हो गया है। नेट डेट टू नॉर्मलाइज्ड EBITDA रेश्यो भी बिगड़ा है, जो पिछले साल की Q3 के 3.21x से बढ़कर 4.72x पर पहुंच गया है। यह बढ़ता हुआ कर्ज, प्रॉफिटेबिलिटी में गिरावट के साथ मिलकर कंपनी की वित्तीय सेहत पर लगातार दबाव बना रहा है।
यूके सब्सिडियरी में फ्रॉड का खुलासा:
वित्तीय चुनौतियों के बीच, कंपनी ने 26 मार्च 2024 को एक बड़ा गवर्नेंस मुद्दा भी उजागर किया। UFLEX ने बताया कि उसकी यूके स्थित पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी, Uflex Europe Limited, के एक पूर्व डायरेक्टर, मिस्टर प्रदीप श्रीवास्तव, पर कंपनी के साथ फ्रॉड (Fraud) करने का आरोप है। मैनेजमेंट ने ऑपरेशनल खर्चों की जांच के दौरान इस गड़बड़ी का पता लगाया। हालांकि, अभी भी इसमें शामिल सटीक राशि की जांच जारी है और मैनेजमेंट का कहना है कि UFLEX Limited पर इसका कोई बड़ा तत्काल प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है। फिर भी, इस तरह के आरोप गवर्नेंस को लेकर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
मैक्रोइकोनॉमिकल चुनौतियां और भविष्य की राह:
कंपनी के मैनेजमेंट ने प्रदर्शन को प्रभावित करने वाले कई बाहरी कारकों का भी उल्लेख किया। इनमें टैरिफ (Tariff) को लेकर वैश्विक अनिश्चितता, कुछ बाजारों में सप्लाई की अधिकता (Supply Gluts), अमेरिका जैसे क्षेत्रों में आर्थिक मंदी के कारण मांग में नरमी (Demand Softness) और उपभोक्ताओं की कमजोर खर्च करने की क्षमता (Subdued Consumer Sentiment) शामिल हैं।
इन निकट अवधि की चुनौतियों के बावजूद, UFLEX अपने पैकेजिंग फिल्म्स और पैकेजिंग व्यवसायों के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए हुए है। कंपनी को उम्मीद है कि मांग में सुधार और वैश्विक व्यापार समझौतों के समर्थन से प्राइस रियलाइजेशन (Price Realisations) और वॉल्यूम में धीरे-धीरे रिकवरी आएगी। इजिप्ट, मेक्सिको और नोएडा में एसेप्टिक पैकेजिंग, WPP और rPET चिप्स के लिए नई कैपेसिटीज (Capacities) के जल्द शुरू होने से भविष्य में रेवेन्यू और EBITDA ग्रोथ को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। मैनेजमेंट को Q4 FY26 में बेहतर प्रदर्शन की आशा है।
रणनीतिक निवेश और नवाचार:
UFLEX ने Q3 FY26 के दौरान इजिप्ट, मेक्सिको, नोएडा और धारवाड़ में अपनी उत्पादन इकाइयों के विस्तार पर ₹434.2 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) किया है। कंपनी ने अपने केमिकल्स और पैकेजिंग फिल्म्स डिवीज़न में नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करने और पेटेंट्स फाइल करने पर भी ज़ोर दिया है, जो बाजार में अपनी पकड़ बनाए रखने के प्रयासों को दर्शाता है।