Tube Investments of India Ltd के शेयर गुरुवार, 29 जनवरी 2026 को ₹2,304.50 पर कारोबार करते देखे गए। इस उछाल में ट्रेडिंग वॉल्यूम का बड़ा योगदान रहा, जो निवेशकों की दिलचस्पी को साफ दर्शाता है। Nifty Midcap 150 इंडेक्स का हिस्सा होने के नाते, कंपनी का प्रदर्शन बाजार पर नजर रखने वालों का ध्यान खींच रहा है। यह तेजी कंपनी के लगातार बढ़ते रेवेन्यू का नतीजा है।
जहां तक फाइनेंशियल परफॉरमेंस की बात है, तो कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025 में ₹19,464.65 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल के ₹16,890.33 करोड़ से काफी ज्यादा है। सितंबर 2025 तिमाही का रेवेन्यू भी ₹5,522.64 करोड़ रहा। हालांकि, नेट प्रॉफिट के आंकड़े थोड़ी चिंता बढ़ाते हैं। FY2025 में नेट प्रॉफिट ₹1,054.67 करोड़ रहा, जो FY2024 के ₹1,187.51 करोड़ से कम है। सितंबर 2025 तिमाही में भी नेट प्रॉफिट ₹302.15 करोड़ रहा, जो पिछली तिमाही के ₹303.28 करोड़ से मामूली रूप से कम है। रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) भी गिरकर 12.17% (2025) हो गया, जो 2024 में 23.54% था। लेकिन, एक अच्छी खबर यह है कि कंपनी ने अपने कर्ज को काफी कम किया है। इसका डेट-टू-इक्विटी रेशियो 2025 में घटकर 0.08 रह गया है, जो 2024 में 0.15 था।
फिलहाल, Tube Investments का P/E रेश्यो लगभग 70-75 के आसपास है, जो भविष्य में ग्रोथ की उम्मीदों को दिखाता है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹70,000-₹75,000 करोड़ के दायरे में है। कंपनी ऑटो एंसिलरीज़ सेक्टर में काम करती है, जो इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) की तरफ बढ़ रहे बदलावों और सप्लाई चेन की बदलती जरूरतों का सामना कर रहा है। इन सबके बीच, कंपनी का रेवेन्यू ग्रोथ बनाए रखना और बैलेंस शीट को मजबूत करना एक सकारात्मक संकेत है।
अब सभी की नजरें 4 फरवरी 2026 को होने वाली बोर्ड मीटिंग पर हैं। इस मीटिंग में दिसंबर 2025 तक की नौ महीनों और तिमाही के अन-ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स की समीक्षा की जाएगी। उम्मीद है कि इस मीटिंग में इंटेरिम या फाइनल डिविडेंड की घोषणा भी हो सकती है। यह मीटिंग कंपनी के प्रदर्शन और कैपिटल एलोकेशन स्ट्रेटेजी पर महत्वपूर्ण जानकारी देगी। याद दिला दें, कंपनी ने जुलाई 2025 में ₹1.50 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड घोषित किया था।