Tube Investments (TII) ने Q3FY26 के लिए अपने तिमाही नतीजे जारी कर दिए हैं, जो एक मिली-जुली तस्वीर पेश कर रहे हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन प्रदर्शन जहां काफी मजबूत रहा, वहीं कंसोलिडेटेड नतीजों पर कुछ खास वजहों से असर पड़ा है।
स्टैंडअलोन प्रदर्शन में दमदार उछाल
Q3FY26 में, TII के स्टैंडअलोन रेवेन्यू में पिछले साल की समान अवधि (YoY) के मुकाबले 12.7% की शानदार बढ़ोतरी हुई और यह ₹2,152 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल ₹1,910 करोड़ था। प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में 26.4% का इजाफा हुआ, जो ₹268 करोड़ रहा। इसके चलते, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 17.6% बढ़कर ₹189 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल यह ₹161 करोड़ था। कंपनी का एनुअलाइज्ड रिटर्न ऑन इन्वेस्टेड कैपिटल (ROIC) भी सुधरकर 49% हो गया। इस तिमाही में फ्री कैश फ्लो ₹248 करोड़ दर्ज किया गया।
पहले नौ महीनों (9MFY26) के लिए, स्टैंडअलोन रेवेन्यू 5.8% बढ़कर ₹6,278 करोड़ हुआ और PAT 12.6% बढ़कर ₹544 करोड़ पर पहुंच गया।
कंसोलिडेटेड नतीजों पर छाया फेयर वैल्यू एडजस्टमेंट का असर
कंसोलिडेटेड आधार पर, TII का कुल रेवेन्यू 20.6% बढ़कर ₹5,801 करोड़ रहा। वहीं, प्रॉफिट बिफोर शेयर ऑफ प्रॉफिट ऑफ एसोसिएट/जेवी, एक्सेप्शनल आइटम्स एंड टैक्स में 17.6% की वृद्धि देखी गई, जो ₹502 करोड़ रहा। हालांकि, कंसोलिडेटेड PAT में 0.4% की मामूली गिरावट आई और यह ₹279 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹280 करोड़ था।
यह गिरावट पहले नौ महीनों (9MFY26) में और भी स्पष्ट दिखी, जहां कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 14.5% बढ़कर ₹16,633 करोड़ हुआ, लेकिन PAT 15.9% गिरकर ₹884 करोड़ रह गया, जो पिछले साल ₹1,054 करोड़ था। इस गिरावट की मुख्य वजह सब्सिडियरी में कम्पलसरी कन्वर्टिबल प्रेफरेंस शेयर्स (CCPS) के निवेश पर हुआ ₹136.70 करोड़ का बड़ा फेयर वैल्यू लॉस रहा। वहीं, स्टैंडअलोन नतीजों में इसी अवधि के लिए ₹569 करोड़ का फेयर वैल्यू गेन दर्ज किया गया था।
सेगमेंट-वाइज परफॉरमेंस (स्टैंडअलोन - Q3FY26)
- इंजीनियरिंग: रेवेन्यू 18.7% बढ़कर ₹1,438 करोड़ रहा, जबकि PBIT 25.6% बढ़कर ₹196 करोड़ हुआ।
- मेटल फॉर्मेड प्रोडक्ट्स: रेवेन्यू 2% बढ़कर ₹408 करोड़ रहा और PBIT 15% बढ़कर ₹46 करोड़ हुआ।
- मोबिलिटी: रेवेन्यू में 28.9% का उछाल आया और यह ₹183 करोड़ रहा, जिससे PBIT नुकसान से बढ़कर ₹4 करोड़ पॉजिटिव हो गया।
- अन्य: रेवेन्यू 15% घटकर ₹214 करोड़ रहा, लेकिन PBIT 72.7% बढ़कर ₹19 करोड़ हुआ।
डिविडेंड और आगे की राह
कंपनी ने ₹2 प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) की घोषणा भी की है। स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड नतीजों में यह अंतर निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है, खासकर CCPS निवेश पर होने वाले फेयर वैल्यू एडजस्टमेंट के कारण। निवेशकों को आगे सब्सिडियरी के प्रदर्शन और इन एडजस्टमेंट पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए।
