रेवेन्यू की तूफानी रफ्तार, पर मुनाफे पर लगी लगाम
Triveni Turbine ने इस तिमाही में अपने पिछले साल के इसी क्वार्टर के मुकाबले रेवेन्यू में 24% की जोरदार छलांग लगाई है, जो ₹624 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। घरेलू बाजार की मजबूत मांग और इंटरनेशनल इंक्वायरी (Enquiry) पाइपलाइन में दिख रही तेजी इस ग्रोथ के पीछे बड़ी वजहें रहीं। लेकिन, इस शानदार रेवेन्यू के बावजूद, कंपनी के EBITDA मार्जिन में 22 बेसिस पॉइंट (bps) की नरमी आई है और यह 21.5% पर आ गया है। कंपनी का कहना है कि डिस्पैच (Dispatch) में देरी के कारण आफ्टरमार्केट (Aftermarket) बिक्री प्रभावित हुई, जिसने मार्जिन पर दबाव डाला। इन सब के बीच, एक्सेप्शनल आइटम (Exceptional Item) को छोड़ दें तो प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में 15.3% की ग्रोथ देखने को मिली। हालांकि, नए वेज कोड (Wage Code) के कारण एम्प्लॉई बेनिफिट्स (Employee Benefits) पर हुए ₹15.7 करोड़ के बड़े खर्च ने रिपोर्टेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) को स्थिर रखा।
नए मोर्चे पर तैयारी और ग्लोबल उम्मीदें
कंपनी की निगाहें अब अमेरिका में टैरिफ (Tariff) कम होने पर टिकी हैं, जिससे इंपोर्ट-एक्सपोर्ट (Import-Export) आसान होने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि इससे पूछताछ (Enquiry) की रफ्तार बढ़ेगी और डेटा सेंटर, स्टील, सीमेंट और पल्प जैसे सेक्टर्स में ऑर्डर फाइनल होने में तेजी आएगी। इसके अलावा, कंपनी नए प्रोडक्ट्स को लेकर भी उत्साहित है। हीट पंप (Heat Pump) के लिए इंक्वायरी बुक 100 यूनिट से ऊपर जा चुकी है। साथ ही, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशन (Battery Energy Storage Solutions) से भी अच्छे ऑर्डर आने की उम्मीद है। इसी कड़ी में, जनवरी 2025 में कंपनी को 160 MWh की एक लॉन्ग ड्यूरेशन एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (Energy Storage System) के लिए ₹2.9 बिलियन (लगभग ₹290 करोड़) का ऑर्डर मिला है। यह एनर्जी स्टोरेज में कंपनी का कदम भविष्य की ऊर्जा की मांगों को भुनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
एनालिस्ट्स का नज़रिया और वैल्यूएशन (Valuation)
फिलहाल, Triveni Turbine का P/E रेश्यो (Ratio) FY27E के लिए 34.8x और FY28E के लिए 30.0x के आसपास चल रहा है। ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने 'Accumulate' की रेटिंग बरकरार रखी है, लेकिन एग्जीक्यूशन (Execution) से जुड़ी चिंताओं को देखते हुए टारगेट प्राइस को ₹609 से घटाकर ₹585 कर दिया है। दूसरी ओर, दूसरे एनालिस्ट्स का मानना है कि शेयर में 'BUY' की रेटिंग है और उन्होंने औसतन ₹657.8 का टारगेट प्राइस दिया है। कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 26.31% है, जो इंडस्ट्री के कई बड़े प्लेयर्स जैसे BHEL (जिसका ROE सिर्फ 2.15% है) से काफी बेहतर है। हालांकि, 45x-50x का P/E सेक्टर के औसत 39x और इंडियन इलेक्ट्रिकल इंडस्ट्री के 25.4x से ज्यादा है।
आगे की राह और मार्केट का नज़रिया
Triveni Turbine का ऑर्डर बुक 31 दिसंबर, 2025 तक ₹19,864 मिलियन (यानी ₹1,986 करोड़) का मजबूत बना हुआ है। हालांकि, हालिया क्वार्टर में ऑर्डर बुकिंग में 26% की गिरावट आई है, खासकर एक्सपोर्ट्स (Exports) में, जिसका मुख्य कारण ग्लोबल ट्रेड (Trade) की अनिश्चितताएं हैं। सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) पर खर्च और मैन्युफैक्चरिंग (Manufacturing) को बढ़ावा देने वाली नीतियों से भारतीय इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट (Industrial Equipment) सेक्टर में ग्रोथ की उम्मीद है। कंपनी ने ₹2.25 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड (Dividend) भी घोषित किया है। ऐसे में, बाजार इस बात पर नज़र रखे हुए है कि Triveni Turbine मार्जिन के दबाव से कैसे निपटती है और प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने में कितनी कामयाब होती है।
