नए इक्विपमेंट से काईपेक्स में बड़ा इजाफा
Trishakti Industries Limited ने हाल ही में करीब ₹20 करोड़ के नए हेवी अर्थ-मूविंग इक्विपमेंट (heavy earth-moving equipment) खरीदे हैं। इस नवीनतम निवेश के साथ, कंपनी का कुल कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) ₹258 करोड़ (GST सहित) के आंकड़े को पार कर गया है। फाइनेंशियल ईयर के अंत में किए गए इस बड़े खर्च ने FY26 के लिए ₹100 करोड़ के शुरुआती गाइडेंस को पीछे छोड़ दिया है, और वर्तमान फाइनेंशियल ईयर में अब तक कुल ₹210 करोड़ का अनुमानित खर्च हो चुका है। उम्मीद है कि यह नया इक्विपमेंट अगले 12 महीनों में लगभग ₹6 करोड़ का अतिरिक्त रेवेन्यू उत्पन्न करेगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की ग्रोथ दे रही सहारा
कंपनी की यह आक्रामक काईपेक्स रणनीति भारत के बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर (Infrastructure Sector) में उसकी मजबूत स्थिति को दर्शाती है। रोड, रेलवे और रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) जैसे प्रमुख सरकारी प्रोजेक्ट्स के चलते इस सेक्टर में भारी उपकरणों की मांग लगातार बनी हुई है। एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि 2030 तक इस सेक्टर में ₹115-125 लाख करोड़ के डेट फंडिंग और ₹143 लाख करोड़ के कुल इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च की जरूरत होगी, जो Trishakti जैसी कंपनियों के लिए एक बड़ा अवसर है।
वैल्यूएशन और एनालिस्ट कवरेज पर चिंता
हालांकि, कंपनी के इस जोरदार निवेश पर कुछ विश्लेषकों की राय थोड़ी सतर्क है। कुछ रिपोर्ट्स में Trishakti Industries के वैल्यूएशन (Valuation) को लेकर चिंता जताई गई है और स्टॉक की 'सेल' रेटिंग (Sell Rating) की गई है। कंपनी का P/E रेश्यो, जो लगभग 31-35 के आसपास है, इसे औद्योगिक सेवाओं के क्षेत्र में एक मिड-टू-हाई वैल्यूएशन रेंज में रखता है। इसके अलावा, स्टॉक पर एनालिस्ट कवरेज (Analyst Coverage) भी काफी सीमित है, जिससे निवेशकों के लिए स्वतंत्र मूल्यांकन मुश्किल हो जाता है।
FY28 तक जारी रहेगी ग्रोथ की रफ्तार
Trishakti Industries ने FY28 तक ₹400 करोड़ का एक महत्वाकांक्षी कैपिटल एक्सपेंडिचर प्लान तैयार किया है। रिन्यूएबल एनर्जी, मेट्रो रेल और औद्योगिक प्रोजेक्ट्स जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों से निरंतर मांग की उम्मीद है। कंपनी के 100% फ्लीट यूटिलाइजेशन (fleet utilization) से संकेत मिलता है कि उसके विशेष हेवी इक्विपमेंट सॉल्यूशंस की मांग मजबूत है। प्रबंधन का लक्ष्य परिचालन दक्षता (operational efficiency) और रिटर्न ऑन कैपिटल (return on capital) में वृद्धि के माध्यम से अपने बढ़ते निवेश को मुनाफे में बदलना है।