मुंबई स्थित Transrail Lighting ने पावर ट्रांसमिशन के नए कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल कर लिए हैं। कंपनी को कुल **₹927 करोड़** के ऑर्डर मिले हैं, जिससे इस साल का कुल ऑर्डर इनटेक **₹3,356 करोड़** तक पहुंच गया है।
घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पैठ
कंपनी को मिले इन नए ऑर्डर्स में भारत के भीतर 765kV और 400kV की हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनें शामिल हैं। ये प्रोजेक्ट्स भारत के पावर ग्रिड को और मजबूत बनाने के लिए बेहद जरूरी हैं, ताकि रिन्यूएबल एनर्जी को बेहतर तरीके से ग्रिड में जोड़ा जा सके। वहीं, अमेरिका के लिए कंडक्टर सप्लाई के कॉन्ट्रैक्ट्स कंपनी की वैश्विक पहुंच को विस्तार देते हैं।
EPC सेक्टर के लिए क्या हैं चुनौतियां?
पावर EPC बिजनेस काफी कैपिटल-इंटेंसिव होता है। KEC International और Kalpataru Projects International जैसी बड़ी कंपनियों की तरह, Transrail Lighting के लिए भी अब चुनौती समय पर प्रोजेक्ट पूरा करने और वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट की होगी। इस तरह के बड़े प्रोजेक्ट्स में राइट-ऑफ-वे (Right-of-way) और जटिल इंजीनियरिंग संबंधी बाधाएं भी आती हैं।
निवेशकों के लिए अहम संकेत
हालांकि बड़ी ऑर्डर बुक किसी भी कंपनी के लिए अच्छा संकेत है, लेकिन बाजार अब इस बात पर नजर रखेगा कि कंपनी अपनी लिक्विडिटी को कैसे मैनेज करती है और इन प्रोजेक्ट्स को कितनी तेजी से पूरा करती है। मार्जिन बचाने के लिए रॉ मटेरियल सप्लाई और डिलीवरी शेड्यूल को सही रखना अब कंपनी की प्राथमिकता होगी।
