Transformers and Rectifiers (India) ने एक बार फिर बाजार में अपनी धाक जमाई है। कंपनी को सरकारी यूटिलिटीज GETCO और DVC से दो बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स मिले हैं, जिनमें से प्रत्येक की वैल्यू **₹100 करोड़** से **₹500 करोड़** के बीच है।
ऑर्डर्स की पूरी जानकारी
कंपनी इन नए प्रोजेक्ट्स के तहत ऑटो ट्रांसफॉर्मर्स (Auto Transformers) और शंट रिएक्टर्स (Shunt Reactors) की मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई करेगी। ये ऑर्डर्स अगले 15 से 30 महीनों की अवधि में पूरे किए जाएंगे, जिससे कंपनी की ऑर्डर बुक में काफी मजबूती आई है।
GETCO के साथ हुआ करार 24 से 30 महीने का है, जिसमें 500MVA के ट्रांसफॉर्मर्स शामिल हैं। वहीं, DVC के साथ हुए कॉन्ट्रैक्ट के तहत कंपनी 15 से 28 महीनों में 500MVA और 200MVA के ट्रांसफॉर्मर्स डिलीवर करेगी।
निवेशकों के लिए क्या है रिस्क?
ये बड़े ऑर्डर्स कंपनी के रेवेन्यू में तो इजाफा करेंगे, लेकिन इसमें 'एग्जीक्यूशन रिस्क' (Execution Risk) भी जुड़ा है। इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट सेक्टर कच्चा माल जैसे CRGO स्टील, कॉपर और ट्रांसफॉर्मर ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को लेकर बेहद संवेदनशील रहता है। यदि इन कमोडिटी (Commodity) की कीमतें बढ़ती हैं, तो कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है।
मार्केट और स्टॉक का हाल
फिलहाल यह स्टॉक करीब ₹280 के आसपास ट्रेड कर रहा है। इसके 52-वीक हाई ₹501.25 के मुकाबले यह काफी नीचे है, लेकिन 52-वीक लो ₹224.30 से ऊपर बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि कंपनी बढ़ते काम के दबाव को बिना लागत बढ़ाए कैसे मैनेज करती है। निवेशकों की नजरें आने वाली तिमाही में कंपनी के मार्जिन मैनेजमेंट और डिलीवरी अपडेट्स पर बनी रहेंगी।
