नतीजों से गिरी निवेशकों की उम्मीदें
ट्रांसफॉर्मर्स एंड रेक्टिफायर्स (India) Limited (TARIL) के शेयर बुधवार को बीएसई (BSE) पर 12% तक लुढ़ककर ₹292.90 के इंट्राडे स्तर पर पहुंच गए। ट्रेडिंग वॉल्यूम में भी काफी बढ़ोतरी देखी गई। कंपनी के मार्च 2026 में समाप्त हुई चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे उम्मीदों के विपरीत रहे।
हालांकि, कंपनी के रेवेन्यू (Revenue) में 15.7% की दमदार बढ़ोतरी हुई और यह ₹782.67 करोड़ तक पहुंच गया, लेकिन नेट प्रॉफिट (Net Profit) पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 3.3% घटकर ₹91.1 करोड़ दर्ज किया गया। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि EBITDA मार्जिन 210 बेसिस पॉइंट तक सिकुड़कर 17.5% पर आ गया, जो पिछले साल 20.2% था।
ब्रोकरेज की चिंताएं और भविष्य का अनुमान
ब्रोकरेज फर्म ICICI सिक्योरिटीज ने कंपनी की ऑर्डर बुक को लेकर गंभीर चिंताएं जताई हैं। 31 मार्च 2026 तक कंपनी की ऑर्डर बुक महज ₹5,005 करोड़ रही, जबकि इससे पहले ₹8,000 करोड़ का टारगेट दिया गया था। यह दिखाता है कि नए ऑर्डर मिलने की रफ्तार उम्मीद से काफी कम रही है।
इसके अलावा, ICICI सिक्योरिटीज ने कंपनी के चांगोदर और मोराया प्लांट्स के विस्तार में संभावित देरी का भी जिक्र किया है। इन देरी से कंपनी के FY27 के लिए ₹3,250 करोड़ के रेवेन्यू अनुमान पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
मैनेजमेंट का भरोसा
इन चिंताओं के बीच, कंपनी का मैनेजमेंट भविष्य को लेकर आशावादी है। वे बड़े ऑर्डरों के तेजी से एग्जीक्यूशन (Execution), बेहतर प्रोडक्शन प्लानिंग और सरकारी पहलों जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और 'विक्सित भारत 2047' विजन का हवाला दे रहे हैं। कंपनी के पास ₹23,000 करोड़ से अधिक की एक बड़ी टेंंडर पाइपलाइन भी मौजूद है, जो भविष्य में अवसरों की ओर इशारा करती है।
