Transformers and Rectifiers (India) Ltd ने यूरोप के पावर ग्रिड मार्केट में पकड़ मजबूत करने के लिए UK में नई सब्सिडियरी बनाने का ऐलान किया है। कंपनी इसमें **£1 करोड़ (करीब 10 मिलियन पाउंड)** का निवेश करेगी और **51%** हिस्सेदारी अपने पास रखेगी।
ग्लोबल मार्केट की ओर कदम
कंपनी ने अपनी अंतरराष्ट्रीय विस्तार की रणनीति के तहत UK में 'Maxwell Grid Transformers (UK) Private Ltd' नाम से नई इकाई स्थापित करने की घोषणा की है। इस निवेश की प्रक्रिया अक्टूबर के अंत से शुरू होने की उम्मीद है। कंपनी का लक्ष्य ग्लोबल पावर इंफ्रास्ट्रक्चर में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना है।
दो चरणों वाली विस्तार नीति
कंपनी ने इस प्रोजेक्ट के लिए दो-चरणीय रणनीति अपनाई है:
- पहला चरण: शुरुआत में यह UK इकाई सेल्स, सर्विस और कस्टमर सपोर्ट हब के रूप में काम करेगी ताकि यूरोपीय ग्रिड ऑपरेटर्स को बेहतर सुविधा मिल सके।
- दूसरा चरण: स्थानीय स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग शुरू करना। मैनेजिंग डायरेक्टर सत्येन मंतोरा के मुताबिक, यह तभी संभव होगा जब कंपनी को सालाना 2,000 से 5,000 MVA के ऑर्डर मिलने लगेंगे। फिलहाल कंपनी कई यूरोपीय ट्रांसमिशन ऑपरेटर्स और डेटा सेंटर डेवलपर्स के साथ बातचीत कर रही है।
घरेलू और विदेशी बाजार का संतुलन
यह विदेशी विस्तार भारत में कंपनी की बढ़ती गतिविधियों के साथ समानांतर चलेगा। कंपनी अपने चंगोदर (Changodar) प्लांट की क्षमता बढ़ा रही है, जो फेस्टिव सीजन तक चालू हो जाएगी। अभी कंपनी के कुल रेवेन्यू में एक्सपोर्ट का योगदान 8% है, जबकि ऑर्डर बुक में इसकी हिस्सेदारी करीब 15% है।
निवेशकों के लिए अहम संकेत
निवेशकों को आने वाली तिमाहियों में कंपनी के फाइनेंशियल हेल्थ पर नजर रखनी चाहिए। कंपनी का अनुमान है कि यह UK यूनिट मीडियम टर्म में कंसोलिडेटेड टॉप लाइन में 2% से 3% का योगदान देगी। हालांकि, विदेशी बाजार में काम करने के दौरान करेंसी रिस्क और रेगुलेटरी चुनौतियों का असर भी नतीजों पर पड़ सकता है। सबसे बड़ा ट्रिगर यह होगा कि कंपनी कितनी तेजी से अपने बिजनेस टॉक्स को कन्फर्म ऑर्डर्स में बदल पाती है।
