Titan Company की सब्सिडियरी Titan Engineering & Automation (TEAL) ने अपने कारोबार को नई दिशा देने का ऐलान किया है। कंपनी अगले पांच वर्षों में अपने कुल रेवेन्यू में सेमीकंडक्टर इक्विपमेंट की हिस्सेदारी को बढ़ाकर **20%** तक ले जाने की तैयारी में है।
बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव
Titan Engineering & Automation (TEAL) अब अपने पारंपरिक ऑटोमेशन बिजनेस से हटकर सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम पर फोकस कर रही है। फिलहाल कंपनी के कुल रेवेन्यू में इस सेगमेंट की हिस्सेदारी 5% से 10% के बीच है, जिसे कंपनी अगले 4 से 5 वर्षों में दोगुना करना चाहती है। कंपनी का मुख्य ऑटोमेशन डिवीजन अभी भी 60% रेवेन्यू में योगदान देता है, लेकिन सेमीकंडक्टर की ओर यह झुकाव लंबी अवधि की ग्रोथ के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
लोकल मैन्युफैक्चरिंग पर जोर
कंपनी भारत में बढ़ रही चिप मैन्युफैक्चरिंग को भुनाने के लिए OSAT (Outsourced Semiconductor Assembly and Testing) कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रही है। TEAL का लक्ष्य हाई-प्रिसिजन मशीनरी का भारत में ही निर्माण करना है। हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार, कंपनी ने ₹1,499 करोड़ की टोटल इनकम और ₹287 करोड़ का EBIT दर्ज किया है, जिसका एक बड़ा हिस्सा अब इन हाई-टेक मशीनों के निर्माण में निवेश किया जाएगा।
ग्लोबल और घरेलू नजरिया
अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर, कंपनी फ्रांस, जर्मनी और चेक रिपब्लिक जैसे बाजारों में रिकवरी देख रही है और 2027 की शुरुआत तक वियतनाम में एंट्री की तैयारी कर रही है। हालांकि, मैनेजमेंट का साफ कहना है कि उनका मुख्य फोकस भारत की घरेलू मांग को पूरा करना ही रहेगा। निवेशकों के लिए कंपनी की तकनीकी क्षमता और ऑर्डर्स हासिल करने की रफ्तार अगले कुछ क्वार्टर्स में देखने वाली बात होगी।
