मार्जिन का खेल
हालांकि मुनाफे में वापसी पिछले साल की भारी भरकम घाटे से एक बड़ी राहत है, लेकिन कंपनी की असल ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर सवाल उठ रहे हैं। मार्जिन का 11.1% तक पहुंचना एक बेहतर कदम जरूर है, लेकिन यह टॉप-लाइन ग्रोथ में आई कमी को पूरा करने के लिए काफी नहीं लगता। रेवेन्यू में 13% की गिरावट आकर ₹875 करोड़ पर पहुंच गया है। यह या तो ऑर्डर एग्जीक्यूशन में धीमी गति या नए टेंडरों की कमी का संकेत देता है, जो मौजूदा कमाई की रफ्तार पर सवाल खड़े कर रहा है।
सेक्टर से अलग स्थिति
Titagarh को अगर बाकी औद्योगिक मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों से तुलना करें, तो वैल्यूएशन उम्मीदों और असल उत्पादन के बीच एक बड़ा अंतर दिखता है। भले ही सरकार रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च को प्राथमिकता दे रही है, Titagarh जैसी कंपनियां इनपुट कॉस्ट की अस्थिरता और प्रोजेक्ट डिलीवरी में देरी से जूझ रही हैं। पिछले 12 महीनों में शेयर में 80% से ज्यादा की भारी गिरावट बताती है कि बड़े निवेशकों ने कंपनी की ग्रोथ प्रोफाइल को लेकर अपनी उम्मीदें काफी कम कर दी हैं। जो निवेशक एक्सपोर्ट से ग्रोथ बनाए हुए हैं, उनके मुकाबले Titagarh पूरी तरह से डोमेस्टिक डिमांड पर निर्भर है, जिसमें फिलहाल कमजोरी दिख रही है।
एक्सपर्ट्स की चिंता
मार्केट ने डिविडेंड (Dividend) के ऐलान और मुनाफे के आंकड़े पर कोई खास उत्साह नहीं दिखाया है। इंस्टीट्यूशनल एनालिस्ट्स की मुख्य चिंता कमाई की क्वालिटी को लेकर है। पिछले साल के ₹158 करोड़ के एक्सेप्शनल चार्ज (Exceptional Charge) के न होने से इस बार का नेट प्रॉफिट बढ़ा है, जबकि असल EBITDA में 4.4% की गिरावट आई है। इसके अलावा, कंपनी सप्लाई चेन की दिक्कतों जैसी एग्जीक्यूशन रिस्क का भी सामना कर रही है। शेयर पहले से ही Nifty 50 के मुकाबले काफी कमजोर प्रदर्शन कर रहा है, ऐसे में ₹1 प्रति शेयर का डिविडेंड, मजबूत फ्री कैश फ्लो जनरेशन से ज्यादा शेयरधारकों का भरोसा बनाए रखने की कोशिश मानी जा रही है।
आगे की राह
अब कंपनी के लिए सबसे अहम है नए ऑर्डर हासिल करना। Titagarh को ऊंचे इंटरेस्ट रेट के माहौल में टिके रहना होगा और नए प्राइवेट कॉम्पिटिटर्स से अपनी मार्केट हिस्सेदारी बनाए रखनी होगी। ब्रोकरेज फर्म्स फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और उनका कहना है कि जब तक रेवेन्यू ग्रोथ डबल डिजिट में वापस नहीं आती, तब तक शेयर की किसी भी तेजी में पुराने टेक्निकल रेजिस्टेंस लेवल पर मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
