सेल्स आउटलुक में कटौती
Thyssenkrupp AG अब अपने सेल्स (Sales) में 3% तक की गिरावट का अनुमान लगा रही है, या फिर सेल्स स्थिर रहने की उम्मीद है। यह कंपनी के पिछले अनुमान (-2% से +1%) से काफी कम है। LSEG द्वारा किए गए सर्वे में विश्लेषकों (Analysts) को 1% की मामूली गिरावट की उम्मीद थी। कंपनी के फाइनेंस चीफ Axel Hamann ने कहा कि 'बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और उनके अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर पड़ने वाले प्रभावों' के चलते यह फैसला लिया गया है।
कमजोर मांग ने अहम डिवीजनों को झटका
कंपनी के स्टील (Steel) प्रोडक्ट्स की मांग लगातार कमजोर बनी हुई है। Thyssenkrupp अपनी विभिन्न यूनिट्स को बेचकर एक होल्डिंग कंपनी (Holding Company) में बदलना चाहती है। इसी स्टील डिवीजन को बेचने की बात भारत की Jindal Steel International के साथ इस महीने फेल हो गई। इस डील का न हो पाना यूरोप के औद्योगिक क्षेत्र (Industrial Sector) के सामने मौजूद बड़ी संरचनात्मक समस्याओं (Structural Issues) को दिखाता है।
यूरोप की मंदी का असर
मैनेजमेंट ने यूरोप में धीमी आर्थिक (Economic) गतिविधियों को लेकर चिंता जताई है। कंपनी की ऑटोमोटिव (Automotive) सेक्टर पर निर्भरता भी एक अहम कारण है, क्योंकि इस इंडस्ट्री में भी मांग धीमी पड़ती दिख रही है। निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि Thyssenkrupp इन मुश्किल बाजार हालातों से कैसे निपटती है और भविष्य में विनिवेश (Divestments) व पुनर्गठन (Restructuring) की अपनी रणनीति क्या रखता है।
