Thermax के शेयर शुक्रवार को **15%** गिरकर **₹2,830** के स्तर पर आ गए। कंपनी का रेवेन्यू तो **11%** बढ़ा है, लेकिन प्रॉफिट में **5%** की गिरावट ने निवेशकों का भरोसा हिला दिया है।
शुक्रवार के कारोबारी सत्र में Thermax के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिसके चलते स्टॉक 15% गिरकर ₹2,830 के निचले स्तर पर आ गया। यह गिरावट कंपनी के दूसरे तिमाही (Q2) के फाइनेंशियल ईयर 2027 के नतीजों के बाद आई है, जिसने बाजार की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
कंपनी ने इस तिमाही में ₹2,756 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया है, जो साल-दर-साल आधार पर 11% की बढ़त दिखाता है। लेकिन दुख की बात यह है कि बिक्री में हुई यह बढ़ोतरी मुनाफे में तब्दील नहीं हो सकी। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹119 करोड़ से घटकर 5% की गिरावट के साथ ₹113 करोड़ पर आ गया है। हालांकि ऑपरेटिंग EBITDA 13% बढ़कर ₹194 करोड़ रहा, लेकिन मार्जिन में कोई खास सुधार न दिखने से निवेशकों की मायूसी बढ़ गई है।
मुनाफे पर दबाव और इम्पेयरमेंट (Impairment)
कंपनी के मुनाफे पर इस बार भारी दबाव दिखा है। मैनेजमेंट के अनुसार, बढ़ती इनपुट कॉस्ट और खराब प्रोडक्ट मिक्स ने मार्जिन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इसके अलावा, कंपनी को अपने 'ग्रीन सॉल्यूशंस' (Green Solutions) सेगमेंट के तहत एक हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट पर ₹15 करोड़ का इम्पेयरमेंट चार्ज झेलना पड़ा है, जो सीधे तौर पर कंपनी के बॉटम लाइन को चोट पहुंचा रहा है।
नए ऑर्डर्स में सुस्ती
भले ही कंपनी का कुल ऑर्डर बैकलॉग 16% बढ़कर ₹14,250 करोड़ पहुंच गया है, जो भविष्य के लिए अच्छी स्थिति है, लेकिन शॉर्ट-टर्म ग्रोथ को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इस तिमाही में नई ऑर्डर बुकिंग 8% गिरकर ₹3,259 करोड़ रही है। मैनेजमेंट का तर्क है कि कुछ बड़े ऑर्डर तीसरी तिमाही के लिए टाल दिए गए हैं, लेकिन बाजार इसे ग्रोथ में आई सुस्ती के तौर पर देख रहा है।
निवेशकों के लिए जोखिम
आने वाली तिमाहियों में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी मार्जिन और बढ़ती रॉ-मटेरियल कॉस्ट को कैसे मैनेज करती है। साथ ही, ग्रीन सॉल्यूशंस सेगमेंट की प्रॉफिटेबिलिटी पर भी सभी की निगाहें टिकी रहेंगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि अगले कुछ महीनों में नई ऑर्डर बुकिंग में रिकवरी होती है या नहीं, जो इस शेयर की दिशा तय करेगी।
