₹1600 करोड़ का बड़ा ऑर्डर, फिर भी शेयर में गिरावट क्यों?
Thermax Ltd. ने हाल ही में ₹1,600 करोड़ का एक बड़ा ऑर्डर हासिल किया है। यह सौदा कंपनी की सब्सिडियरी Thermax Babcock & Wilcox Energy Solutions Ltd. (TBWES) को मध्य भारत में 800 MW क्षमता वाले एक अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट के लिए बॉयलर पैकेज के रूप में मिला है।
इसके साथ ही, कंपनी ने अपने तीसरे तिमाही (Q3) के नतीजे भी जारी किए, जिनमें 80% की शानदार ग्रोथ के साथ ₹205 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया गया। कंपनी के EBITDA मार्जिन में भी पिछले साल के 7.5% से बढ़कर 9.7% हो गए। इस दौरान ऑर्डर बुकिंग में 34% की ग्रोथ देखी गई।
इन सब मजबूत आंकड़ों के बावजूद, Thermax के शेयर में हालिया ट्रेडिंग सेशन में गिरावट दर्ज की गई। पिछले एक साल में शेयर 13.1% तक गिर चुका है, जो निवेशकों के बीच सावधानी का संकेत देता है।
महंगा वैल्यूएशन और ब्रोकरेज की राय
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि शेयर में गिरावट की एक मुख्य वजह कंपनी का बहुत ऊंचा वैल्यूएशन (Valuation) है। मार्च 2026 तक Thermax का P/E रेशियो करीब 54-59x है, जो L&T (जो 25-34x पर ट्रेड करता है) जैसे प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में काफी महंगा है। कैपिटल गुड्स सेक्टर में तेजी के बावजूद, यह सेक्टर साइक्लिकल (Cyclical) होता है और स्टॉक की चाल बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स के एग्जीक्यूशन पर निर्भर करती है।
Analyst Views की बात करें तो Thermax पर राय बंटी हुई है। Kotak Institutional Equities ने दिसंबर 2025 में स्टॉक को 'Buy' रेटिंग देते हुए ₹3,575 का टारगेट दिया था। वहीं, Motilal Oswal ने फरवरी 2025 में 'Sell' रेटिंग बरकरार रखी, जिसकी वजह कम रेवेन्यू बुकिंग और प्रोजेक्ट्स पर लागत बढ़ने का खतरा है। औसत टारगेट प्राइस लगभग ₹3,395 है, लेकिन इसमें ₹2,700 से ₹4,900 तक का बड़ा अंतर है। प्रमुख चिंताओं में अत्यधिक वैल्यूएशन, एग्जीक्यूशन रिस्क और कॉम्पिटिशन शामिल हैं।
आगे की राह
आगे चलकर, एनालिस्ट्स Thermax की कमाई में सालाना 17.4% और रेवेन्यू में 12.6% की ग्रोथ का अनुमान लगा रहे हैं। कैपिटल गुड्स सेक्टर में सरकारी खर्च और इंडस्ट्रियल रिकवरी के चलते पॉजिटिव ट्रेंड जारी रहने की उम्मीद है। Thermax का मजबूत ऑर्डर बुक और विशेषज्ञता भारत की एनर्जी सप्लाई के लिए महत्वपूर्ण थर्मल पावर कैपेसिटी में चल रहे निवेश के साथ मेल खाती है।