Tempsens Instruments IPO: एंकर निवेशकों से जुटाए ₹194 करोड़, ₹650 करोड़ के इश्यू पर दांव

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Tempsens Instruments IPO: एंकर निवेशकों से जुटाए ₹194 करोड़, ₹650 करोड़ के इश्यू पर दांव

Tempsens Instruments ने अपने ₹650 करोड़ के IPO से पहले बड़े एंकर निवेशकों से ₹194.5 करोड़ जुटा लिए हैं। इस लिस्टिंग में Temasek और Goldman Sachs जैसे बड़े नाम शामिल हैं। यह पब्लिक इश्यू 20 अगस्त को ₹285–300 के प्राइस बैंड के साथ खुलेगा। निवेशकों को फ्रेश फंडिंग की तुलना में ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के बड़े हिस्से पर ध्यान देना चाहिए।

एंकर बुक में दिखा निवेशकों का भरोसा

थर्मल इंजीनियरिंग और तापमान सेंसर बनाने वाली कंपनी Tempsens Instruments ने अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) से पहले एंकर निवेशकों से ₹194.5 करोड़ की बड़ी रकम जुटाई है। 19 अगस्त को हुई एंकर बुक की अलॉटमेंट में ग्लोबल और डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इसी के साथ, कंपनी के ₹650 करोड़ के पब्लिक इश्यू का रास्ता साफ हो गया है, जो 20 अगस्त 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा।

बड़े नामों का निवेश

एंकर राउंड में Singapore के सॉवरेन वेल्थ फंड Temasek Holdings की इकाई Aranda Investments सबसे आगे रही। इसके अलावा, Goldman Sachs और Ashoka WhiteOak Emerging Markets Equity Fund जैसे ग्लोबल फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस ने भी अलॉटमेंट हासिल की। डोमेस्टिक म्यूचुअल फंड्स भी एक्टिव दिखे, जिनमें HDFC AMC, Nippon Life India, Kotak Mahindra AMC और Tata Mutual Fund शामिल हैं। Axis Max Life Insurance और Kotak Mahindra Life Insurance जैसी इंश्योरेंस कंपनियों ने भी इस राउंड में भाग लिया।

IPO की संरचना और फंड का इस्तेमाल

कुल IPO साइज ₹650 करोड़ का है। इसमें ₹95 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹555 करोड़ का ऑफर-फॉर-सेल (OFS) शामिल है। कंपनी ने शेयर का प्राइस बैंड ₹285 से ₹300 प्रति शेयर तय किया है। यह इश्यू 24 अगस्त 2026 को बंद होगा और 28 अगस्त को स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्टिंग की उम्मीद है।

कंपनी की कमाई और भविष्य की योजना

Tempsens Instruments ने मार्च 2026 में खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹455.86 करोड़ का रेवेन्यू और ₹71.07 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था। कंपनी फ्रेश इश्यू से मिले ₹95 करोड़ का इस्तेमाल अलग-अलग कामों के लिए करेगी। इसमें से लगभग ₹18.13 करोड़ इलेक्ट्रिकल हीटिंग और स्पेशलाइज्ड केबल सॉल्यूशंस के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) में लगाए जाएंगे, जबकि ₹55 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज (Debt) कम करने में होगा। बाकी बची रकम जनरल कॉर्पोरेट पर्पस (General Corporate Purposes) के लिए रखी जाएगी।

निवेशकों के लिए खास बातें और रिस्क

एंकर निवेशकों की अच्छी प्रतिक्रिया के बावजूद, निवेशकों को अपनी ड्यू डिलिजेंस (Due Diligence) के तहत कंपनी के ऑपरेशनल मेट्रिक्स (Operational Metrics) को ध्यान से देखना चाहिए। इस IPO की एक अहम बात यह है कि ऑफर-फॉर-सेल (OFS) का हिस्सा (₹555 करोड़) फ्रेश कैपिटल (₹95 करोड़) की तुलना में काफी ज्यादा है। इसका मतलब है कि IPO से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा कंपनी के बजाय मौजूदा शेयरधारकों को जाएगा।

इसके अलावा, वित्तीय खुलासों से पता चलता है कि वर्किंग कैपिटल इंटेंसिटी (Working Capital Intensity) बढ़ी है, जिसमें FY26 में नेट वर्किंग कैपिटल डेज 210 दिन तक पहुंच गए थे। निवेशक कंपनी के रिटर्न ऑन नेट वर्थ (Return on Net Worth) पर भी नजर रख सकते हैं, जो FY26 में 13.55% दर्ज किया गया था। साथ ही, कंपनी पर पिछले फाइनेंशियल ईयर के अंत तक ₹11.04 करोड़ की आकस्मिक देनदारियां (Contingent Liabilities) भी थीं। इन सभी बातों पर निवेशकों को सब्सक्रिप्शन पीरियड के दौरान गौर करना चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.