### जब NEC ने बढ़ाया Tejas Networks का हौसला
NEC Corporation के साथ 5G और 5G-एडवांस्ड सॉल्यूशंस के सह-निर्माण और मैन्युफैक्चरिंग के नए समझौते ने Tejas Networks के शेयर में नई जान फूँक दी है। इस स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप का मकसद ग्लोबल टेलीकॉम सप्लाई चेन को और मज़बूत करना है। इस डील ने बाजार का ध्यान खींचा है, लेकिन शेयर में आई इस तेज़ी का सही अंदाज़ा कंपनी की हालिया फाइनेंशियल परफॉरमेंस और ग्लोबल टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर मार्केट के भारी कॉम्पिटिशन को ध्यान में रखकर ही लगाया जा सकता है।
### शेयर में आई तूफानी तेज़ी की वजह
Tejas Networks के शेयर की कीमतों में 26% से ज़्यादा की ज़बरदस्त तेज़ी 26 और 27 फरवरी, 2026 को दर्ज की गई। इसकी मुख्य वजह NEC Corporation के साथ हुए इस नए समझौते की खबर है। 27 फरवरी को NSE पर शेयर ₹403.80 के इंट्राडे हाई तक पहुँच गया, जिसने निवेशकों के बीच इस इंटरनेशनल एक्सपेंशन को लेकर ज़बरदस्त ऑप्टिमिज़्म दिखाया। यह तेज़ी हालिया वोलेटिलिटी के दौर के बाद एक ज़रूरी बूस्ट है, क्योंकि इससे पहले स्टॉक पिछले 12 महीनों में लगभग 46% तक गिर चुका था और जनवरी 2026 में ₹294 के 52-हफ़्ते के निचले स्तर को छू गया था। हालांकि, यह तेज़ी पहले की गिरावट से रिकवरी भर है, न कि किसी लंबे समय तक चलने वाले अपट्रेंड का संकेत, खासकर जब कंपनी लंबे समय से बड़े मूविंग एवरेज को पार करने के लिए संघर्ष कर रही है।
### गहराई से विश्लेषण: कॉम्पिटिशन और NEC का बदलता रुख
Tejas Networks ग्लोबल टेलीकॉम इक्विपमेंट मार्केट में काम करती है, जहाँ Huawei, Ericsson और Nokia जैसे बड़े खिलाड़ी Radio Access Network (RAN) मार्केट का लगभग 80% हिस्सा कंट्रोल करते हैं। NEC Corporation के साथ पार्टनरशिप सप्लाई चेन को डाइवर्सिफाई करने का एक प्रयास है, लेकिन यह ध्यान देना ज़रूरी है कि NEC खुद 4G और 5G बेस स्टेशंस के डेवलपमेंट से पीछे हटने की तैयारी में है ताकि डिफेंस और स्पेशलाइज्ड एप्लीकेशन्स पर फोकस किया जा सके। इससे यह संकेत मिलता है कि NEC का इस कोर एरिया में निवेश कम हो रहा है। इसलिए, NEC का रोल मुख्य रूप से Tejas की मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं का इस्तेमाल करने वाले ग्राहक और पार्टनर का रहेगा, न कि NEC की ओर से नई कोर RAN टेक्नोलॉजी के सह-डेवलपर का। Open RAN स्पेस में Airspan और Mavenir जैसे कॉम्पिटिटर्स भी डिसएग्रीगेटेड सॉल्यूशंस के साथ मार्केट शेयर बढ़ाने में लगे हैं। ग्लोबल टेलीकॉम इक्विपमेंट मार्केट के 2026 तक $705.77 बिलियन तक पहुँचने का अनुमान है, जो 5G डिप्लॉयमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडर्नाइजेशन से प्रेरित है। लेकिन इस ग्रोथ के साथ लगातार प्राइसिंग प्रेशर और भारी कैपिटल एक्सपेंडिचर की ज़रूरत भी जुड़ी हुई है। Tejas Networks के पास 31 दिसंबर, 2025 तक ₹1,329 करोड़ का ऑर्डर बुक था और हाल ही में सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेटिव (PLI) स्कीम से ₹69.97 करोड़ मिले हैं। इन सब के बावजूद, कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹7,548 करोड़ है, और इसका प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो अभी भी निगेटिव (-7.70) है, जो वर्तमान में कंपनी के अनप्रॉफिटेबल होने का संकेत देता है।
### 'Strong Sell' रेटिंग और असली चिंताएँ
शेयर मार्केट में आई इस तात्कालिक तेज़ी के पीछे कई गहरी चिंताएँ छिपी हैं। 27 फरवरी, 2026 तक Tejas Networks की 'Strong Sell' रेटिंग बनी हुई है, जो शेयर की कीमतों में आई छोटी सी तेज़ी से बिल्कुल अलग तस्वीर पेश करती है। यह रेटिंग दर्शाती है कि NEC डील के बावजूद, फंडामेंटल्स या भविष्य की ग्रोथ की संभावनाओं को लेकर संस्थागत निवेशकों का सेंटिमेंट अभी भी बेहद सतर्क है। कंपनी का निगेटिव P/E रेश्यो (-7.70) हाल के फाइनेंशियल लॉसेस को उजागर करता है, और यह स्थिति जनवरी 2026 में 52-हफ़्ते के निचले स्तर को छूने और ऑल-टाइम हाई से 71% की गिरावट से और ज़्यादा गंभीर हो जाती है। NEC पार्टनरशिप का मकसद सप्लाई चेन को डाइवर्सिफाई करना है, लेकिन NEC खुद 4G/5G बेस स्टेशन डेवलपमेंट से पीछे हट रहा है, जो इस कॉम्पिटिटिव क्षेत्र से एक स्ट्रैटेजिक शिफ्ट का संकेत देता है। इससे Tejas Networks के लिए लॉन्ग-टर्म डिमांड ड्राइवर्स और ऐसी पार्टनरशिप की सस्टेनेबिलिटी पर सवाल खड़े होते हैं, खासकर तब जब Huawei, Ericsson और Nokia जैसे स्थापित प्लेयर ग्लोबल RAN मार्केट के बड़े हिस्से पर हावी हैं। कंपनी को इन्वेंटरी मैनेजमेंट और किसी एक बड़े ग्राहक पर निर्भरता जैसी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है, जो कैश फ्लो और फाइनेंशियल सस्टेनेबिलिटी को प्रभावित कर सकता है।
### भविष्य का नज़रिया
एनालिस्ट्स का सेंटिमेंट, जो 'Strong Sell' रेटिंग से ज़ाहिर होता है, यही बताता है कि यह मौजूदा तेज़ी ज़्यादा समय तक टिकने वाली नहीं है और यह स्ट्रक्चरल चैलेंजेज़ और भारी कॉम्पिटिशन को दूर नहीं कर पाएगी। Tejas Networks इस NEC समझौते का फायदा उठाकर इंटरनेशनल एक्सपेंशन का लक्ष्य रख रही है, लेकिन एक मुश्किल इंडस्ट्री लैंडस्केप और कंपनी की अपनी ऑपरेशनल बाधाओं के बीच लगातार प्रॉफिटेबिलिटी की ओर कंपनी का रास्ता अभी भी अनिश्चित है।