अधिग्रहण के भारी खर्चे, Tega Industries के मुनाफे पर असर
माइनिंग इंडस्ट्री के लिए खास कंस्यूमेबल्स (consumables) बनाने वाली Tega Industries Limited ने 2025-26 के फाइनेंशियल ईयर की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में अपने मुनाफे में भारी गिरावट दर्ज की है। कंपनी के EBITDA (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization) में 41.6% की बड़ी गिरावट आई है, जो कि ₹102.7 करोड़ से घटकर ₹60.0 करोड़ रह गया। इस तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू मामूली 0.7% गिरकर ₹417.5 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में यह ₹420.6 करोड़ था।
समझिये मुनाफे में गिरावट की वजह
कंपनी के मैनेजमेंट ने साफ किया है कि EBITDA मार्जिन में आई इस बड़ी गिरावट की वजह मुख्य रूप से एकमुश्त खर्चे (one-off expenses) रहे। इस तिमाही में लगभग ₹51-56 करोड़ के ऐसे खर्चे हुए, जिसमें ₹6 करोड़ लेबर कोड रेगुलेशन से जुड़े थे, और सबसे बड़ा हिस्सा, करीब ₹45-50 करोड़, Molycop के अधिग्रहण से जुड़े ट्रांजेक्शन और प्रोफेशनल फीस का था। यदि इन खर्चों को हटा दिया जाए, तो EBITDA मार्जिन 20% के ऊपर ही रहता।
9 महीने के नतीजे: इसी फाइनेंशियल ईयर के पहले नौ महीनों (9M FY26) की बात करें तो, Tega Industries का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 6% बढ़कर ₹1,210.3 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹1,139.0 करोड़ था। हालांकि, इसी दौरान EBITDA 4.5% घटकर ₹216.1 करोड़ रहा, और EBITDA मार्जिन घटकर 18% हो गया, जो पिछले साल 20% था।
सेगमेंट परफॉर्मेंस: कंपनी के कंस्यूमेबल्स बिजनेस (जो 9M FY26 रेवेन्यू का 84% है) ने अच्छा प्रदर्शन किया। Q3 FY26 में इसका रेवेन्यू 0.8% बढ़कर ₹358.5 करोड़ रहा और ग्रॉस मार्जिन लगभग 60% व EBITDA मार्जिन 22-23% के आसपास बने रहे। वहीं, इक्विपमेंट बिजनेस (जो Q3 FY26 रेवेन्यू का 12% है) का 9M FY26 रेवेन्यू 34% बढ़कर ₹182.6 करोड़ हुआ, हालांकि Q3 FY26 में इसका रेवेन्यू 13% घटकर ₹47.5 करोड़ रहा।
ऑर्डर बुक: 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी की ऑर्डर बुक ₹1,140.2 करोड़ की थी, जिसमें से ₹810.2 करोड़ अगले 12 महीनों में पूरे होने की उम्मीद है।
Molycop अधिग्रहण की क्या है स्थिति?
Tega Industries Molycop के अधिग्रहण को लेकर तेजी से आगे बढ़ रही है। कंपनी ने Molycop में अपनी हिस्सेदारी 84% तक बढ़ा दी है। एंटी-ट्रस्ट फाइलिंग 12 देशों में पूरी हो चुकी है और स्पेन में FDI फाइलिंग भी हो गई है। यह डील 31 मार्च 2026 तक पूरी होने की राह पर है। इस अधिग्रहण के लिए फंड की व्यवस्था इंटरनल एक्रूअल, ₹1,500 करोड़ तक के बैंक लोन और इक्विटी के जरिए की जाएगी। इस USD 1.45 बिलियन एंटरप्राइज वैल्यू वाले अधिग्रहण के बाद Tega दुनिया भर में माइनिंग सॉल्यूशंस देने वाली एक बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी बन जाएगी।
भविष्य का आउटलुक
मैनेजमेंट मौजूदा मार्केट की अनिश्चितताओं के बावजूद भविष्य को लेकर काफी आश्वस्त है। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के लिए कंपनी ग्रुप लेवल पर डबल-डिजिट ग्रोथ की उम्मीद कर रही है। कंस्यूमेबल्स बिजनेस में करीब 8% और इक्विपमेंट बिजनेस में 28-30% ग्रोथ का अनुमान है। कंपनी यूरोप, लैटिन अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे नए बाजारों में विस्तार करने की योजना बना रही है, जिसका असर FY27 से दिखना शुरू होगा। चिली में एक कैपिटल एक्सपेंडिचर (CAPEX) प्रोजेक्ट भी Q2 FY27 तक कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू कर देगा।
जोखिम और पिछला रिकॉर्ड
निवेशकों को Molycop के सफल इंटीग्रेशन, कर्ज बढ़ने से बैलेंस शीट पर असर और नए बाजारों में कामकाज की चुनौतियों पर करीबी नजर रखनी होगी। कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ग्लोबल माइनिंग की मांग में बदलाव भी कंपनी के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं।
SEBI की चेतावनी: अक्टूबर 2025 में Tega Industries को SEBI से एक चेतावनी मिली थी। कंपनी के एक डेजिग्नेटेड पर्सन को इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों के उल्लंघन के हल्के मामले में यह चेतावनी दी गई थी। SEBI की समिति ने इसे पहली बार हुई गलती माना और मामूली शेयर वैल्यू के कारण कोई पेनल्टी न लगाकर चेतावनी दी। यह दर्शाता है कि कंपनी को कॉर्पोरेट गवर्नेंस के नियमों पर लगातार ध्यान देना होगा।