🚀 Molycop अधिग्रहण के लिए Tega Industries का बड़ा फाइनेंसिंग प्लान!
Tega Industries Limited के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने Molycop के प्रस्तावित अधिग्रहण के लिए एक अहम फाइनेंसिंग पैकेज को मंजूरी दे दी है। कंपनी बैंकों से ₹1,500 करोड़ तक की बरोइंग फैसिलिटी (कर्ज) लेने के लिए तैयार है। यह कदम कंपनी की महत्वाकांक्षी विस्तार योजना का हिस्सा है।
💸 फंडिंग स्ट्रक्चर का खुलासा
यह फाइनेंसिंग स्ट्रक्चर कई हिस्सों में बंटा है। Tega Industries अपनी नई सिंगापुर-बेस्ड सब्सिडियरी Tega HoldCo में ₹3,517 करोड़ Optionally Convertible Redeemable Preference Shares (OCRPS) और ₹1 करोड़ का निवेश करेगी, जिससे कुल ₹3,518 करोड़ की रकम हो जाएगी। यह सब्सिडियरी, जो 18 नवंबर, 2025 को बनाई गई थी, इंटरनेशनल फंड जुटाने का मुख्य जरिया बनेगी।
इसके साथ ही, कंपनी एक नई भारतीय सब्सिडियरी 'India WoS' भी बना रही है, जिसमें ₹99 करोड़ इक्विटी शेयरों के जरिए लगाए जाएंगे। यह भारतीय इकाई फिर Tega HoldCo को फंड करेगी, जिससे एक मजबूत फाइनेंसिंग स्ट्रक्चर तैयार होगा।
🎯 Molycop अधिग्रहण: क्या है रणनीति?
इस पूरे फाइनेंसिंग प्लान का मुख्य मकसद माइनिंग इंडस्ट्री के लिए ज़रूरी ग्राइंडिंग मीडिया और दूसरे प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी Molycop का अधिग्रहण करना है। इस सौदे की जानकारी पहली बार 29 नवंबर, 2025 को दी गई थी। Molycop अधिग्रहण के 31 मार्च, 2026 तक पूरा होने का लक्ष्य है, हालांकि इसमें 12 महीने तक की फ्लेक्सिबिलिटी भी हो सकती है।
🚩 जोखिम और आगे का रास्ता
₹1,500 करोड़ के बड़े कर्ज (डेट) के चलते कंपनी पर फाइनेंसियल लिवरेज का दबाव बढ़ेगा, जिस पर निवेशकों की पैनी नजर रहेगी। साथ ही, नए गैर-ऑपरेशनल सब्सिडियरी के जरिए फंड ट्रांसफर करने में एग्जीक्यूशन रिस्क भी है। यह भी ध्यान देने वाली बात है कि Tega HoldCo में निवेश एक रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन है, हालांकि इसे आर्म्स लेंथ बेसिस पर करने की बात कही गई है। निवेशकों को बरोइंग फैसिलिटी के फाइनल डाक्यूमेंट्स और Molycop के सफल इंटीग्रेशन पर नजर रखनी चाहिए।