Technocrats Plasma Systems के शेयरों ने BSE SME प्लेटफॉर्म पर धमाकेदार एंट्री मारी है। शेयर की लिस्टिंग ₹230 पर हुई, जो IPO प्राइस ₹132 से **74%** ज्यादा थी। इसके बाद शेयर **83%** बढ़कर ₹241.50 तक पहुंच गया। कंपनी का IPO **189** गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ था।
SME प्लेटफॉर्म पर दमदार शुरुआत
Technocrats Plasma Systems Limited (TPSL) ने शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को BSE SME एक्सचेंज पर धमाकेदार एंट्री की। शेयर ₹230 के भाव पर लिस्ट हुआ, जो इसके इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) प्राइस ₹132 से 74.24% का प्रीमियम दर्शाता है। लिस्टिंग के तुरंत बाद, शेयर की कीमतों में और तेजी आई और यह ₹241.50 तक पहुंच गया, जो इश्यू प्राइस से लगभग 83% की बढ़त थी।
IPO को मिला था जबरदस्त रिस्पॉन्स
यह शानदार लिस्टिंग, कंपनी के सफल IPO पीरियड का नतीजा है। प्लाज्मा-आधारित सरफेस ट्रीटमेंट और कोटिंग सॉल्यूशंस देने वाली इस कंपनी का IPO, 14 से 18 अगस्त के बीच 189.22 गुना सब्सक्राइब हुआ था। निवेशकों ने कंपनी के ग्रोथ की संभावनाओं पर भरोसा दिखाया, जिसका आधार हालिया फाइनेंशियल परफॉर्मेंस भी था। फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए, कंपनी ने कुल आय में 166% की साल-दर-साल बढ़ोतरी और नेट प्रॉफिट में 84% का इजाफा दर्ज किया था।
IPO फंड का होगा इस्तेमाल
Technocrats Plasma Systems ने इस फ्रेश शेयर इश्यू से जुटाए ₹60.98 करोड़ का इस्तेमाल अपने ऑपरेशंस और विस्तार के लिए करने की योजना बनाई है। इन फंड्स में से ₹40 करोड़ की बड़ी राशि वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए रखी गई है, ताकि रोजमर्रा के कामकाज को सुचारू रूप से चलाया जा सके। इसके अलावा, ₹8.79 करोड़ नई प्लांट और मशीनरी खरीदने और इंस्टॉल करने के लिए आवंटित किए गए हैं। इस निवेश का मकसद कंपनी की प्लाज्मा कटिंग मशीनों, वेल्डिंग इक्विपमेंट और कस्टमाइज्ड ऑटोमेशन सिस्टम्स की प्रोडक्शन कैपेसिटी को बढ़ाना है।
SME शेयरों में निवेश के रिस्क
हालांकि, यह शुरुआत सकारात्मक रही है, लेकिन निवेशकों को SME प्लेटफॉर्म पर लिस्टेड कंपनियों की खासियतों पर भी ध्यान देना चाहिए। SME शेयरों में आमतौर पर मेनबोर्ड कंपनियों की तुलना में ट्रेडिंग वॉल्यूम यानी लिक्विडिटी कम होती है। इसका मतलब है कि छोटी खरीद या बिक्री से भी शेयर की कीमत में बड़े उतार-चढ़ाव आ सकते हैं।
इसके अलावा, चूंकि कंपनी इंडस्ट्रियल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में काम करती है, इसलिए इसका बिजनेस अर्थव्यवस्था की चाल से जुड़ा हुआ है। इसके प्लाज्मा कटिंग और वेल्डिंग उत्पादों की मांग इंडस्ट्रियल ग्रोथ पर निर्भर करती है। अगर मैन्युफैक्चरिंग एक्टिविटी धीमी होती है या कंपनी को नई मशीनरी इंस्टॉल करने में देरी होती है, तो ये फैक्टर्स हालिया फाइनेंशियल में देखी गई उच्च विकास दर को बनाए रखने की उसकी क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। शेयरधारकों के लिए मुख्य बात यह होगी कि कंपनी IPO से जुटाई गई राशि का कुशलतापूर्वक उपयोग कैसे करती है और आने वाली तिमाही रिपोर्ट्स में लगातार मुनाफा बनाए रखती है या नहीं।
