TeamLease के Q3 FY26 नतीजे: मिलाजुला प्रदर्शन
TeamLease Services ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही के नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंसोलिडेटेड आधार पर दमदार ग्रोथ दिखी, जबकि स्टैंडअलोन परफॉर्मेंस में कुछ गिरावट दर्ज की गई।
📊 नतीजों की गहराई
कंसोलिडेटेड परफॉर्मेंस:
कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल की समान अवधि (YoY) के मुकाबले 4% बढ़कर ₹3,037 करोड़ पर आ गया। ऑपरेटिंग रेवेन्यू में 3% की वृद्धि देखी गई। सबसे अहम बात यह रही कि EBITDA में 22% का जबरदस्त उछाल आया, जो ₹43 करोड़ रहा। इससे EBITDA मार्जिन 21 बेसिस पॉइंट (BPS) सुधरकर 1.41% पर पहुंच गया। प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में 72% की बड़ी बढ़ोतरी के साथ यह ₹49 करोड़ रहा। नतीजतन, PAT में 50% की शानदार ग्रोथ दर्ज हुई और यह ₹42 करोड़ रहा। PAT मार्जिन भी 1.0% से बढ़कर 1.4% हो गया। प्रति शेयर आय (EPS) ₹17 से बढ़कर ₹25 पर आ गई।
स्टैंडअलोन परफॉर्मेंस:
इसके विपरीत, कंपनी की स्टैंडअलोन (Standalone) वित्तीय स्थिति में थोड़ी नरमी देखने को मिली। कुल रेवेन्यू में 2% की मामूली बढ़ोतरी के साथ यह ₹2,744 करोड़ रहा। हालांकि, स्टैंडअलोन EBITDA में 18% की गिरावट दर्ज की गई और यह ₹20 करोड़ पर आ गया। EBITDA मार्जिन भी 10 BPS घटकर 0.8% पर पहुंच गया। इसके बावजूद, PBT (एक्सेप्शनल आइटम्स से पहले) में 23% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹32 करोड़ रहा और PAT में 14% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹30 करोड़ पर पहुंचा। स्टैंडअलोन EPS ₹18 दर्ज किया गया।
सेगमेंट की परफॉरमेंस:
सेगमेंट की बात करें तो, स्पेशलाइज्ड स्टाफिंग (Specialised Staffing) सेगमेंट ने कंपनी के लिए ग्रोथ का मुख्य इंजन बनकर काम किया, जिसने रेवेन्यू में 33% की शानदार YoY ग्रोथ दर्ज की। अन्य एचआर सर्विसेज (Other HR Services) सेगमेंट ने भी मजबूत प्रदर्शन दिखाया, जहाँ रेवेन्यू 17% बढ़ा और EBITDA में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई। जनरल स्टाफिंग (General Staffing) सेगमेंट में क्लाइंट्स द्वारा स्टाफिंग को इन-हाउस करने का असर दिखा, फिर भी इसने रेवेन्यू में 1% की मामूली बढ़ोतरी और EBITDA में 4% की बढ़त हासिल की।
ऑपरेशनल अपडेट और आउटलुक:
ऑपरेशनल मोर्चे पर, कंसोलिडेटेड हेडकाउंट में 5% की गिरावट आई, जो कि 335,165 पर आ गया। इसका मुख्य कारण एक बड़े BFSI क्लाइंट का अपने स्टाफिंग ऑपरेशंस को इन-हाउस करना था, जिसने जनरल स्टाफिंग और डिग्री अप्रेंटिसशिप हेडकाउंट को प्रभावित किया। वहीं, कंपनी के पास ₹430 करोड़ का मजबूत फ्री कैश बैलेंस बना हुआ है। TeamLease का दीर्घकालिक लक्ष्य भारत का सबसे बड़ा प्राइवेट सेक्टर एम्प्लॉयर और हेडकाउंट के मामले में ग्लोबल लीडर बनना है। कंपनी ने इस तिमाही में 107 नए लोगो (New Logos) जोड़े हैं, जो उसके निरंतर विकास प्रयासों को दर्शाते हैं।