भारत में AI टैलेंट की भारी कमी, रिटर्नशिप प्रोग्राम्स की बढ़ती अहमियत
भारत का तेज़ी से उभरता टेक सेक्टर एक गंभीर AI टैलेंट की कमी से जूझ रहा है। अनुमान है कि कुशल प्रोफेशनल्स में 82% की कमी है, जो वैश्विक औसत से काफी ज़्यादा है। AI रोल्स की डिमांड इतनी तेज़ी से बढ़ी है कि इन पदों के लिए सैलरी में 200% से लेकर 400% तक का उछाल देखा गया है। इस टैलेंट गैप को भरने के लिए, कंपनियाँ नए और अभिनव तरीके अपना रही हैं। TeamLease Digital ने इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपना POWER (Professional Opportunity for Workforce Empowerment & Reboot) प्रोग्राम लॉन्च किया है। इसका उद्देश्य अनुभवी प्रोफेशनल्स, खासकर करियर ब्रेक पर चल रही महिलाओं को AI और डिजिटल जॉब्स में वापस लाना है, ताकि कंपनियाँ तेज़ी से बढ़ती AI डिमांड को पूरा कर सकें।
"एक्सेस गैप" को भरना: टेक में वापसी का नया रास्ता
TeamLease Digital की CEO, Neeti Sharma के अनुसार, भारत की समस्या AI टैलेंट की कमी नहीं, बल्कि "एक्सेस गैप" (पहुँच का अंतर) है। कई अनुभवी प्रोफेशनल्स, विशेष रूप से करियर ब्रेक पर चल रही महिलाओं के पास महत्वपूर्ण विशेषज्ञता और परिपक्वता है जिसे तुरंत इस्तेमाल किया जा सकता है। POWER प्रोग्राम का पहला बैच, 'AI Career Accelerator: Returnship Edition', पहले ही सफलता दिखा चुका है। इस बैच के पार्टिसिपेंट्स को AI टैलेंट की भारी मांग वाले रोल्स में जगह मिली है। AI, क्लाउड और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में 25% से 50% तक की टैलेंट शॉर्टेज देखी जा रही है। GenAI रोल्स के लिए स्थिति और भी गंभीर है, जहाँ हर दस रिक्ति पर केवल एक योग्य इंजीनियर उपलब्ध है। ऐसे में, ऐसे स्किल्ड वर्कर्स पर ध्यान देना ज़रूरी है जिन्हें तेज़ी से काम पर लगाया जा सके और जो बिज़नेस के लिए वास्तविक वैल्यू प्रदान करें। स्ट्रक्चर्ड रिटर्नशिप प्रोग्राम AI युग में लीड करने वाली कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीति बन गए हैं।
टेक में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी
आंकड़े भारतीय टेक सेक्टर में महिलाओं की भागीदारी में एक व्यापक वृद्धि का संकेत देते हैं। 2023 में STEM अपस्किलिंग प्रोग्राम्स में महिलाओं की भागीदारी बढ़कर 33% हो गई, और अब वे देश के टेक वर्कफोर्स का 36.2% हिस्सा हैं। TeamLease Digital ने मार्च 2025 में रिपोर्ट किया था कि 2020 से 2024 के बीच भारत के टेक कॉन्ट्रैक्ट वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी लगभग तीन गुना हो गई है। IBM, Visa और Intuit जैसी प्रमुख ग्लोबल कंपनियाँ भी अपने रिटर्नशिप प्रोग्राम चला रही हैं। यह दर्शाता है कि कई कंपनियाँ अब करियर ब्रेक के बाद लौटे अनुभवी टैलेंट को सिर्फ एक 'डाइवर्सिटी प्ले' (विविधता की पहल) के रूप में नहीं, बल्कि एक बिज़नेस की ज़रूरत के तौर पर देखती हैं। TeamLease Services Ltd. के लिए, यह प्रोग्राम उसकी विविध सेवाओं को मज़बूत करता है, जो मुख्य रूप से जनरल स्टाफिंग (राजस्व का लगभग 93%) पर केंद्रित है और कम-पूंजी वाले 'कलेक्ट एंड पे' मॉडल का उपयोग करती है। कंपनी, जिसका मार्केट वैल्यू लगभग ₹2,030 करोड़ है, ऐसे महत्वपूर्ण टैलेंट पाइपलाइन को सपोर्ट करने के लिए अच्छी स्थिति में है।
रिटर्नशिप प्रोग्राम्स की चुनौतियाँ और जोखिम
हालांकि, रिटर्नशिप प्रोग्राम की प्रभावशीलता और स्केलेबिलिटी (विस्तार क्षमता) को लेकर कुछ चुनौतियाँ भी हैं। भारत में AI टैलेंट की कमी सिर्फ संख्या तक सीमित नहीं है; कोर AI इंजीनियर्स और मॉडल डेवलपर्स जैसे विशेषज्ञ टैलेंट की एक बड़ी कमी है, जिनके बारे में अनुमान है कि केवल 4,000-5,000 विशेषज्ञ ही उपलब्ध हैं। रिटर्नशिप प्रोफेशनल्स को इंडस्ट्री में फिर से एकीकृत करने में मदद कर सकते हैं, लेकिन इस विशेष कौशल की कमी को जल्दी से पूरा करना मुश्किल हो सकता है। TeamLease Services Ltd. ने स्टॉक मार्केट में भी महत्वपूर्ण अंडरपरफॉर्मेंस (-36.10% एक साल का रिटर्न) देखी है, जो एग्जीक्यूशन (कार्यान्वयन) में संभावित समस्याओं या कंपनी के ग्रोथ प्लान पर अनिश्चितताओं का संकेत देता है। अत्यधिक प्रतिस्पर्धी स्टाफिंग इंडस्ट्री और विशेषीकृत स्टाफिंग में चुनौतियाँ भी जोखिम पैदा करती हैं। जबकि बड़ी कंपनियाँ हायरिंग में बड़ी वृद्धि की योजना बना रही हैं, इन विशेषीकृत कार्यक्रमों पर निर्भर रहने का मतलब है कि व्यवसायों को मजबूत ऑपरेशंस और प्रभावी टैलेंट इंटीग्रेशन की आवश्यकता होगी ताकि वे क्रिटिकल क्षेत्रों में AI टैलेंट की कमी को वास्तव में दूर कर सकें।
TeamLease का स्ट्रेटेजिक आउटलुक
TeamLease Digital का POWER प्रोग्राम कंपनी को भारत के स्टाफिंग मार्केट के बढ़ते फॉर्मलाइजेशन (औपचारिकता) और स्पेशलाइज्ड टैलेंट सेवाओं की बढ़ती मांग का लाभ उठाने के लिए एक अच्छी स्थिति में रखता है। AI टैलेंट के लिए "एक्सेस गैप" को संबोधित करके, यह पहल न केवल इंडस्ट्री की तत्काल ज़रूरतों को पूरा करती है, बल्कि एक फुल HR सॉल्यूशंस प्रोवाइडर के रूप में TeamLease की पेशकश को भी मज़बूत करती है। जैसे-जैसे भारत एक ग्लोबल टेक हब बनने की राह पर आगे बढ़ रहा है, ऐसे प्रोग्राम जो अनुभवी, पहले अनदेखे टैलेंट को सफलतापूर्वक सिस्टम में लाते हैं, वे अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाएंगे। 58% कंपनियाँ फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की पहली छमाही में डिजिटल और AI रोल्स से प्रेरित होकर अधिक स्टाफ हायर करने की योजना बना रही हैं, ऐसे में रिटर्नशिप कंपनियाँ के लिए एक महत्वपूर्ण भर्ती रणनीति और फ्लेक्सिबल स्टाफिंग फर्मों के लिए एक संभावित ग्रोथ एरिया प्रदान करते हैं।