रेवेन्यू में तूफानी बढ़त, पर प्रॉफिट पर पड़ी महंगाई की मार
Tata Technologies के लिए Q4 FY26 नतीजों में रेवेन्यू के मोर्चे पर अच्छी खबर आई है। कंपनी का रेवेन्यू पिछले तिमाही के मुकाबले 12.4% बढ़ा है (स्थिर करेंसी में), जो विश्लेषकों के अनुमानों से काफी बेहतर है। इस जबरदस्त ग्रोथ का बड़ा श्रेय कंपनी के ऑर्गेनिक सर्विसेज बिजनेस (Organic Services Business) को जाता है, जिसमें 8% की तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) बढ़ोतरी देखी गई।
ऑटोमोटिव सेगमेंट (Automotive Segment) ने भी मजबूत प्रदर्शन किया, जो 13.2% QoQ बढ़ा। इसमें ES-Tec के एकीकरण और एक प्रमुख क्लाइंट के साथ स्थिर कारोबार का योगदान रहा। वहीं, एयरोस्पेस (Aerospace) वर्टिकल भी करीब $40 मिलियन के सालाना रेवेन्यू रन-रेट के आंकड़े को छूने के करीब है। मैनेजमेंट का भरोसा है कि FY27 में ऑर्गेनिक सर्विसेज रेवेन्यू में डबल-डिजिट ग्रोथ (Double-Digit Growth) जारी रहेगी। इस मजबूत परफॉर्मेंस और नए डील्स के चलते 5 मई 2026 को स्टॉक में 9% से ज्यादा की तेजी देखी गई, जिसमें भारी वॉल्यूम (Volume) देखने को मिला।
वैल्यूएशन और कर्ज का असर, प्रॉफिट अनुमानों में कटौती
हालांकि, इस ग्रोथ की लागत और स्थिरता पर भी निवेशकों की नजरें हैं। विश्लेषकों ने FY27 के लिए कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान घटाकर 15.6% कर दिया है। कंपनी के लिए सबसे बड़ा झटका ES-Tec के अधिग्रहण के लिए लिए गए $60 मिलियन के लोन से आ रहा है, जिसके कारण फाइनेंस कॉस्ट (Finance Cost) बढ़ गई है। इसके अलावा, BMW JV से उम्मीद के मुताबिक योगदान नहीं मिला, खासकर Q4 FY26 के कमजोर प्रदर्शन के बाद। इन सब कारणों से, विश्लेषकों ने FY27 और FY28 के लिए EPS अनुमानों में करीब 8-9% की कटौती की है।
इसी के चलते, ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने स्टॉक को 'HOLD' रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस ₹560 तय किया है। Tata Technologies फिलहाल प्रीमियम वैल्यूएशन (Premium Valuation) पर ट्रेड कर रहा है। इसका P/E रेश्यो 43-49 गुना है, जो इंडस्ट्री एवरेज 22-23 गुना से काफी ज्यादा है। KPIT Technologies (P/E ~32x) और L&T Technology Services (P/E ~26-38x) जैसे पीयर्स (Peers) की तुलना में भी यह काफी अधिक है।
मैनेजमेंट भले ही अगले साल 18% से ऊपर ऑपरेटिंग मार्जिन (Operating Margin) और $1 बिलियन के रेवेन्यू लक्ष्य पर भरोसा जता रहा हो, लेकिन बढ़ते कर्ज और JV के प्रदर्शन को देखते हुए निवेशकों के लिए अभी सावधानी बरतने का समय है।
