शेयर में आई तूफानी तेजी, 52-Week High को छुआ
Tata Steel के शेयर में आज बुल मार्केट का असर देखने को मिला। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर, शेयर 4.5% की इंट्राडे बढ़त के साथ ₹211.10 के नए 52-Week High पर पहुँच गया। यह तेजी पिछले एक महीने में स्टॉक द्वारा दिखाए गए 13% के शानदार प्रदर्शन और पिछले 12 महीनों में दिए गए 55% के ज़बरदस्त रिटर्न के बाद आई है। ब्रोकरेज फर्म्स कंपनी के प्रदर्शन पर पैनी नज़र बनाए हुए हैं, खासकर Q3 के नतीजों के बाद।
ब्रोकरेज फर्म्स की राय और Upside Potential
बाजार के दिग्गज ब्रोकरेज फर्मों ने Tata Steel के शेयर पर भरोसा जताते हुए अपने टारगेट प्राइस बढ़ा दिए हैं।
Nomura ने अपनी 'Buy' रेटिंग को बरकरार रखा है और शेयर के टारगेट को 2% बढ़ाकर ₹220 कर दिया है। यह मौजूदा स्तरों से लगभग 11.7% के Upside की ओर इशारा करता है। ब्रोकरेज का मानना है कि हॉट-रोल्ड कॉइल (HRC) की कीमतें निचले स्तर पर होने के बावजूद कंपनी का प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है।
JM Financial ने सबसे आक्रामक टारगेट पेश किया है, जिसे ₹240 तक बढ़ाया गया है। यह अगले 12 महीनों में लगभग 22% के Upside का संकेत देता है। यह बढ़ोतरी FY27 और FY28 के लिए कंपनी के अर्निंग अनुमानों (Earnings Estimates) में 12-13% की बढ़ोतरी की वजह से हुई है।
Nuvama Institutional Equities ने भी अपना टारगेट बढ़ाकर ₹189 कर दिया है, लेकिन 'Hold' रेटिंग बरकरार रखी है। यह एक सावधानी भरा नज़रिया दिखाता है, और फर्म निचले स्तरों पर दोबारा एंट्री को बेहतर मान रही है।
Q3 के नतीजे और कंपनी का Outlook
Tata Steel ने Q3 के लिए ₹8,270 करोड़ का कंसोलिडेटेड EBITDA दर्ज किया है, जो JM Financial के अनुमानों से थोड़ा बेहतर है। कंपनी के डोमेस्टिक ऑपरेशंस ने ₹8,250 करोड़ का EBITDA दिया, जिसमें प्रति-टन EBITDA ₹13,700 रहा। हालांकि, कम रियलाइजेशन (Realisation) के कारण यह पिछली तिमाही की तुलना में थोड़ा कम रहा। वहीं, Tata Steel Europe ने $19 मिलियन का नेगेटिव EBITDA रिपोर्ट किया, जो पिछली तिमाही के $17 मिलियन के पॉजिटिव EBITDA से थोड़ी गिरावट दर्शाता है।
कंपनी के मैनेजमेंट का कहना है कि Q4 FY26 में डोमेस्टिक ऑपरेशंस के लिए कोकिंग कोल की लागत $15 प्रति टन बढ़ने की उम्मीद है, जिसका मुनाफे पर असर पड़ेगा। हालांकि, इसे घरेलू बाजार में ₹2,300 प्रति टन की बढ़ती हुई डोमेस्टिक ब्लेंडेड रियलाइजेशन से पूरा किए जाने की उम्मीद है। वहीं, यूरोपीय ऑपरेशंस में नेट सेलिंग रियलाइजेशन (NSR) में €33 प्रति टन की गिरावट आने की आशंका है।
सेक्टर की चाल और जोखिम
कंपनी के भारतीय परिचालन (Indian Operations) बढ़ती स्टील कीमतों का लाभ उठा रहे हैं, जिससे स्प्रेड्स (Spreads) में सुधार हो रहा है। दूसरी ओर, यूरोपियन क्षेत्र कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM) और कोटा कट जैसे चुनौतियों का सामना कर रहा है, जो कीमतों और मार्जिन को प्रभावित कर सकते हैं। यूके ऑपरेशंस में भी इसी तरह के सुरक्षा उपायों की उम्मीद है। इन क्षेत्रीय असमानताओं के बावजूद, ब्रोकरेज फर्मों द्वारा अर्निंग अनुमानों में की गई समग्र बढ़ोतरी, कंपनी की इन जटिलताओं से निपटने और बाजार के अवसरों का लाभ उठाने की क्षमता में विश्वास को दर्शाती है।