मुनाफे में शानदार उछाल, India बना ग्रोथ का इंजन
Tata Steel का प्रदर्शन 9 महीनों (9M FY26) में भी मजबूत रहा, जहाँ Consolidated EBITDA 31% बढ़कर ₹24,894 करोड़ पर पहुँच गया। इस जबरदस्त नतीजों की मुख्य वजह कंपनी का India ऑपरेशंस रहा, जिसने 9 महीनों में ₹1,01,648 करोड़ का रेवेन्यू और ₹24,431 करोड़ का EBITDA कमाया, जिसमें 24% का शानदार EBITDA मार्जिन रहा। India में Crude Steel प्रोडक्शन 12% बढ़कर 6.34 मिलियन टन तक पहुँच गया, और Q3 FY26 में रिकॉर्ड 6.04 मिलियन टन की डिलीवरी हुई, जो पिछले साल के मुकाबले 14% ज्यादा है।
यूरोप में मिला-जुला प्रदर्शन
वहीं, यूरोप में प्रदर्शन मिला-जुला रहा। Netherlands ऑपरेशंस ने जबरदस्त वापसी की है, जहाँ Q3 FY26 में EBITDA लगभग तीन गुना बढ़कर €55 मिलियन हो गया। हालांकि, UK ऑपरेशंस में घाटा जारी रहा, जो तिमाही के लिए £63 मिलियन रहा। फिर भी, यह पिछले साल के मुकाबले 44% का सुधार दर्शाता है, जो नुकसान को कम करने के प्रयासों का संकेत है।
डेट में कमी और भविष्य की योजनाएं
कंपनी ने अपनी वित्तीय सेहत को और मजबूत किया है। Q3 FY26 में Capital Expenditure ₹3,291 करोड़ रहा, और 9 महीनों में यह कुल ₹10,370 करोड़ पहुँच गया। सबसे अहम बात यह है कि कंपनी ने Consolidated Net Debt को पिछले तिमाही के मुकाबले ₹5,206 करोड़ घटाकर ₹81,834 करोड़ कर लिया है।
एक्सपेंशन और ग्रोथ का मजबूत आउटलुक
Tata Steel भविष्य के लिए India पर फोकस बनाए हुए है। कंपनी वॉल्यूम एक्सपेंशन, वैल्यू-ऐडेड प्रोडक्ट्स, माइनिंग एसेट्स और सस्टेनेबल स्टीलमेकिंग टेक्नोलॉजी पर जोर दे रही है। NINL में 4.8 MTPA और लुधियाना में 0.75 MTPA EAF का एक्सपेंशन प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। कंपनी ने महाराष्ट्र में एक बड़े स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का भी ऐलान किया है। हालांकि, UK मार्केट की चुनौतियों और EU मार्केट की डायनामिक्स पर पैनी नजर रखी जा रही है। Cost Transformation प्रोग्राम से 9 महीनों में करीब ₹8,600 करोड़ की बचत हुई है, जो कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी को और बढ़ा रही है।