Tata Steel का मुनाफा 9 गुना बढ़ा: इंडिया में रिकॉर्ड परफॉर्मेंस, यूरोप में चुनौतियां

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Tata Steel का मुनाफा 9 गुना बढ़ा: इंडिया में रिकॉर्ड परफॉर्मेंस, यूरोप में चुनौतियां
Overview

Tata Steel के निवेशकों के लिए Q3 FY26 के नतीजे शानदार रहे हैं। कंपनी ने **825%** की भारी छलांग लगाते हुए **₹2,730 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो कि मुख्य रूप से भारतीय ऑपरेशंस में रिकॉर्ड परफॉर्मेंस के दम पर संभव हुआ है।

भारत की मजबूती से टाटा स्टील को बंपर मुनाफा!

Q3 FY26 के नतीजों में टाटा स्टील ने सबको चौंका दिया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 9 गुना बढ़कर ₹2,730 करोड़ पर पहुंच गया। इस शानदार प्रदर्शन की सबसे बड़ी वजह कंपनी का भारतीय कारोबार रहा, जिसने स्टील प्रोडक्शन में 12% की बढ़ोतरी के साथ 6.34 मिलियन टन और डिलीवरी में 14% की बढ़ोतरी के साथ 6.04 मिलियन टन का रिकॉर्ड बनाया। भारतीय बाजार में कंपनी का EBITDA मार्जिन 23-24% रहा, जो वैल्यू-लेड ग्रोथ स्ट्रेटेजी की सफलता को दर्शाता है।

यूरोप का मिला-जुला कारोबार: UK में मुश्किल, EU में उम्मीदें

यूरोप में हालात थोड़े मिले-जुले रहे। नीदरलैंड्स के बिजनेस ने €55 मिलियन का EBITDA दर्ज किया, लेकिन यूके (UK) ऑपरेशंस अभी भी कंपनी के लिए एक बोझ बने हुए हैं, जहां £63 मिलियन का EBITDA लॉस हुआ है। कंपनी ने लागत में कटौती के लिए 50% तक फिक्स्ड कॉस्ट को कम करके लगभग £500 मिलियन बचाए हैं, लेकिन यूके स्टील सेक्टर को सरकार से पॉलिसी सपोर्ट का इंतजार है। दूसरी ओर, यूरोपियन यूनियन (EU) में Carbon Border Adjustment Mechanism (CBAM) के लागू होने से उम्मीद जगी है। CBAM के तहत, आयातित स्टील पर कार्बन टैक्स लगेगा, जिससे EU स्टील की कीमतों में इजाफा हो सकता है।

ग्लोबल सप्लाई में चीन का दबदबा और बाजार पर दबाव

दुनियाभर में स्टील इंडस्ट्री भू-राजनीतिक तनावों और भारी ओवरकैपेसिटी (अतिरिक्त उत्पादन क्षमता) के चलते दबाव में है। साल 2025 में चीन का स्टील प्रोडक्शन 4.4% घटकर 960.81 मिलियन टन रहा, जो 7 साल का सबसे निचला स्तर है। इसके बावजूद, चीन का स्टील एक्सपोर्ट रिकॉर्ड 119 मिलियन टन तक पहुंच गया, जो उसके कुल उत्पादन का लगभग 12% है। यह सस्ता चीनी स्टील ग्लोबल कीमतों पर दबाव बनाए हुए है।

एक्सपर्ट्स की राय और भविष्य की राह

फिलहाल, टाटा स्टील का P/E रेशियो करीब 27.6 से 38.3 के बीच है और इसकी मार्केट कैप लगभग ₹2.53 लाख करोड़ है। पिछले एक साल में शेयर ने 50% से ज्यादा का रिटर्न दिया है। ज्यादातर ब्रोकरेज फर्म्स 'Strong Buy' रेटिंग दे रही हैं और ₹240 तक के टारगेट प्राइस का अनुमान लगा रही हैं। S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने भी कंपनी की 'BBB' रेटिंग को बरकरार रखा है।

हालांकि, यूके ऑपरेशंस का नुकसान, चीनी स्टील का बढ़ता निर्यात और कंपनी के बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर प्लान्स (नई क्षमता विस्तार और डीकार्बोनाइजेशन) से कंपनी पर कर्ज का बोझ बढ़ सकता है। यूके के स्टील सेफगार्ड उपायों की जून 2026 में एक्सपायरी भी एक अहम चिंता का विषय है।

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