नीतिगत बदलावों से UK टर्नअराउंड की उम्मीद
ब्रोकरेज फर्म Anand Rathi ने Tata Steel के शेयर को 'Buy' रेटिंग दी है और ₹240 का टारगेट प्राइस सेट किया है। यह रेटिंग इस उम्मीद पर आधारित है कि कंपनी का UK ऑपरेशंस फाइनेंशियल ईयर 27 (FY27) की दूसरी छमाही (H2) तक ब्रेक-ईवन (लाभ-हानि बराबर) पर पहुंच जाएगा। इस लक्ष्य को हासिल करने में EU के कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM) जो जनवरी 2026 से लागू होगा, और UK द्वारा जुलाई 2026 से लागू की जाने वाली नई इंपोर्ट कोटे जैसी सरकारी नीतियां अहम भूमिका निभाएंगी। उम्मीद है कि ये नीतियां स्टील की कीमतों को सहारा देंगी और इंपोर्ट से होने वाली प्रतिस्पर्धा को कम करेंगी।
घरेलू बाजार में मजबूती और कमाई में बढ़ोतरी
Tata Steel की भारतीय इकाई का प्रदर्शन भी काफी मजबूत दिख रहा है। चौथी तिमाही (Q4) फाइनेंशियल ईयर 26 (FY26) में हॉट-रोल्ड कॉइल और रीबार की कीमतों में क्रमशः 14.8% और 20.7% की बढ़ोतरी देखी गई है। इससे प्रति टन EBITDA ₹15,000 से ज़्यादा रहने का अनुमान है। इसके अलावा, लुधियाना में 0.75 मिलियन टन क्षमता वाले नए इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (EAF) की शुरुआत से घरेलू क्षमता बढ़कर 27.35 मिलियन टन हो गई है। ब्रोकरेज फर्म Anand Rathi ने FY26-FY28 के लिए EBITDA अनुमानों को 3.1% से 7.6% तक बढ़ाया है, जिससे कंपनी की कमाई में स्थिर बढ़ोतरी की उम्मीद है।
बड़े जोखिम: कर्ज, UK की पिछली हानियां और एग्जीक्यूशन
हालांकि, Tata Steel को कुछ बड़े जोखिमों का भी सामना करना पड़ रहा है। कंपनी पर कर्ज का बोझ काफी ज़्यादा है, जिसका डेट-टू-इक्विटी रेश्यो मार्च 2025 तक 99.7% से 104% के करीब है। UK डिविजन लगातार घाटे में चल रहा है, जिसे मार्च 2024 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में £1.12 अरब का प्री-टैक्स लॉस हुआ था। 2027 में एक नया इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (EAF) शुरू होने वाला है, लेकिन FY2025 के ज़्यादातर ऑपरेशंस के लिए कंपनी ने इंपोर्टेड मटेरियल का इस्तेमाल किया, जिसके कारण £2.321 अरब रेवेन्यू के बावजूद £385 मिलियन का EBITDA लॉस दर्ज हुआ। इन घाटे और EAF प्रोजेक्ट की लागत को देखते हुए, FY27 की दूसरी छमाही तक UK में EBITDA ब्रेक-ईवन का लक्ष्य महत्वाकांक्षी लगता है। इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर स्टील की ज़्यादा सप्लाई और ट्रेड पॉलिसी में बदलाव की आशंकाएं भी चिंता का विषय बनी हुई हैं।
आगे का रास्ता: ग्रोथ की उम्मीदें और चुनौतियां
Anand Rathi का मानना है कि Tata Steel की घरेलू ग्रोथ और UK में हालात स्थिर होने की उम्मीद है। फर्म को उम्मीद है कि UK ऑपरेशंस ब्रेक-ईवन के करीब पहुंचेंगे और भारत की क्षमता बढ़कर 40 मिलियन टन तक पहुंच सकती है। ₹240 का टारगेट प्राइस महत्वपूर्ण उछाल का संकेत देता है, लेकिन UK में रिकवरी की गति और उसकी सीमा मुख्य कारक रहेंगे। निवेशकों की नजरें UK EAF प्रोजेक्ट की प्रगति, कंपनी के कर्ज प्रबंधन और भारत व यूरोप में रेगुलेशन और मांग में होने वाले बदलावों का फायदा उठाने की उसकी क्षमता पर रहेंगी।