नतीजे आए दमदार, पर क्यों गिरी चाल?
टाटा स्टील के शेयर में सोमवार को इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान 5.4% की गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट का मुख्य कारण यूरोपीय बाजार में जारी अनिश्चितताएं और सख्त पर्यावरण नियम माने जा रहे हैं, जिन्होंने निवेशकों की सावधानी बढ़ा दी।
Q4FY26 के वित्तीय आंकड़े
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 26 की चौथी तिमाही (Q4FY26) में दमदार नतीजे पेश किए। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (राजस्व) सालाना आधार पर 12.5% बढ़कर ₹63,270 करोड़ रहा। वहीं, इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन और एमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई (EBITDA) 47% बढ़कर ₹9,953 करोड़ पर पहुंच गई, जो पिछले 15 सालों का सबसे हाई EBITDA मार्जिन 15.5% है। भारत और यूरोप में स्टील की बेहतर कीमतों और लागत में की गई कटौतियों से इन नतीजों को बल मिला। कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (शुद्ध मुनाफा) में 124% का जबरदस्त उछाल देखा गया और यह ₹2,925.7 करोड़ रहा।
भारत में शानदार प्रदर्शन, यूरोप में रिकवरी
कंपनी के भारत ऑपरेशंस ने इस दौरान बेहतरीन प्रदर्शन किया, जहां स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹38,654 करोड़ और EBITDA ₹9,841 करोड़ दर्ज किया गया। घरेलू मांग और कलिंगनगर प्लांट के विस्तार की वजह से भारत में स्टील की डिलीवरी 6.19 मिलियन टन तक पहुंच गई। वहीं, यूरोपीय ऑपरेशंस में भी सुधार दिखा। पिछले साल जहां ₹750 करोड़ का घाटा था, वहीं इस तिमाही में संयुक्त EBITDA ₹32 करोड़ पॉजिटिव हो गया।
एनालिस्ट्स की राय: शेयर अभी भी बनेगा 'रुपैया'
बाजार के उतार-चढ़ाव के बावजूद, कई ब्रोकरेज फर्मों ने टाटा स्टील पर अपना भरोसा कायम रखा है। Emkay Global Financial Services ने ₹230 के टारगेट के साथ 'Buy' रेटिंग दी है। HDFC Securities ने ₹250 का टारगेट रखा है और FY27/28 के EBITDA अनुमानों को भी बढ़ाया है। Motilal Oswal Financial Services ने भी 'Buy' रेटिंग और ₹250 का टारगेट बनाए रखा है।
आने वाले समय में ग्रोथ की उम्मीदें
कंपनी का मैनेजमेंट अगले फाइनेंशियल ईयर (FY27) में लगभग 2 मिलियन टन की अतिरिक्त वॉल्यूम ग्रोथ की उम्मीद कर रहा है। यह कलिंगनगर प्लांट के पूरी क्षमता से चलने और लुधियाना में इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस प्रोजेक्ट की शुरुआत से संभव होगा। इसके अलावा, अनुकूल रुझानों और अपडेटेड कॉन्ट्रैक्ट्स के कारण कंपनी को Q1 FY27 में वैश्विक स्टील कीमतों में और सुधार की उम्मीद है।