Tata Steel का घरेलू प्रोडक्शन Q2 FY27 में **10%** उछलकर **6.21 मिलियन टन** पहुंच गया है। ऑटो और रिटेल सेक्टर से मिली मजबूत डिमांड ने रफ्तार भरी, लेकिन ब्रिटेन और नीदरलैंड्स में रेगुलेटरी चुनौतियों के कारण कंपनी को दिक्कतों का सामना करना पड़ा है।
भारत में शानदार रिकवरी
Q2 FY27 में कंपनी ने भारत में क्रूड स्टील का प्रोडक्शन 6.21 मिलियन टन दर्ज किया है। जमशेदपुर और कलिंगनगर प्लांट में मेंटेनेंस खत्म होने के बाद कामकाज पूरी तरह पटरी पर आ गया है। कंपनी की डिलीवरी वॉल्यूम भी 7% बढ़कर 5.97 मिलियन टन रही है।
खास बात यह है कि कंपनी का 'ऑटोमोटिव और स्पेशल प्रोडक्ट्स' वर्टिकल अपने सबसे बेहतरीन दौर में है, जहां वॉल्यूम में 19% की भारी बढ़त के साथ 1.1 मिलियन टन का आंकड़ा छुआ गया है। इसके अलावा, रिटेल ग्राहकों तक पहुंच के लिए कंपनी के डिजिटल प्लेटफॉर्म्स (Aashiyana और DigECA) का ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू ₹2,860 करोड़ तक पहुंच गया है।
इंटरनेशनल मोर्चे पर चुनौती
जहां भारत में सब कुछ अच्छा चल रहा है, वहीं ग्लोबल मार्केट में तस्वीर थोड़ी धुंधली है। Tata Steel Netherlands का प्रोडक्शन 9% गिरकर 1.52 मिलियन टन पर आ गया है। ब्रिटेन (UK) में तो स्थिति और खराब रही, जहां डिलीवरी में 33% की गिरावट दर्ज की गई और वॉल्यूम 0.38 मिलियन टन रह गया। इसकी बड़ी वजह जुलाई में लागू हुए नए ट्रेड नियम (safeguard measures) और इन्वेंट्री का दबाव है।
फिलहाल, Tata Steel का शेयर ₹175 से ₹178 के दायरे में ट्रेड कर रहा है। इन्वेस्टर्स के लिए अब यह देखना अहम होगा कि घरेलू मार्केट की कमाई विदेशी बाजार में होने वाले नुकसान की भरपाई कर पाती है या नहीं।
