Tata Steel: भारत में स्टील की मांग में **8%** उछाल की उम्मीद, MD ने दी बड़ी जानकारी

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AuthorAditya Rao|Published at:
Tata Steel: भारत में स्टील की मांग में **8%** उछाल की उम्मीद, MD ने दी बड़ी जानकारी

Tata Steel के एमडी टी.वी. नरेंद्रन ने भारतीय बाजार में स्टील की मांग में **7-8%** सालाना बढ़ोतरी का अनुमान जताया है। इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑटो सेक्टर की बढ़ती डिमांड के बीच कंपनी अब अपने मैन्युफैक्चरिंग को लोकल बनाने पर जोर दे रही है।

डिमांड और रणनीति

Tata Steel के एमडी टी.वी. नरेंद्रन का मानना है कि भारत में स्टील की खपत आने वाले समय में 7-8% की रफ्तार से बढ़ेगी। इसकी बड़ी वजह सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर से मिल रही लगातार मांग है। ग्लोबल स्तर पर बढ़ते ट्रेड बैरियर्स और बदलती भू-राजनीतिक स्थितियों को देखते हुए, कंपनी अब 'लोकलाइज्ड मैन्युफैक्चरिंग' पर दांव लगा रही है ताकि सप्लाई चेन को सुरक्षित रखा जा सके।

फाइनेंशियल हेल्थ

कंपनी ने हाल ही में अपने फाइनेंशियल नतीजे पेश किए हैं। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में Tata Steel का कंसोलिडेटेड EBITDA ₹9,370 करोड़ रहा है। कंपनी का नेट डेट-टू-EBITDA रेशियो 2.3x पर स्थिर है। 5 अक्टूबर 2026 तक कंपनी का शेयर ₹178 से ₹179 के दायरे में ट्रेड कर रहा था। निवेशकों की नजर कंपनी के डेट मैनेजमेंट पर है ताकि भविष्य के बड़े एक्सपेंशन प्रोजेक्ट्स में कोई रुकावट न आए।

ग्रीन स्टील की चुनौती

कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती 'ग्रीन स्टील' की ओर बढ़ने की है। इस प्रोसेस में भारी मात्रा में कैपिटल खर्च होता है और इसके लिए मजबूत पॉलिसी सपोर्ट की जरूरत है। इसके अलावा, यूके और यूरोप में कंपनी के ऑपरेशंस पर वहां की ऊर्जा लागत और आर्थिक अस्थिरता का असर पड़ सकता है, जो आने वाले समय में प्रॉफिट मार्जिन के लिए एक चिंता का विषय बना हुआ है।

कॉरपोरेट अपडेट्स

हाल ही में कंपनी ने Tata Steel Limited और Rujuvalika Investments Limited के विलय (Amalgamation) की जानकारी दी है, जिसे NCLT से मंजूरी मिल चुकी है। अब निवेशकों की नजर कंपनी के कैपिटल स्पेंडिंग और कोकिंग कोल (Coking Coal) की कीमतों में होने वाले बदलावों पर टिकी है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.