Tata Projects को छत्रपति संभाजीनगर, महाराष्ट्र में एक ग्रीनफील्ड ऑटोमोटिव मैन्युफैक्चरिंग प्लांट बनाने का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह प्रोजेक्ट कंपनी के हाई-टेक इंडस्ट्रियल निर्माण पर बढ़ते फोकस का हिस्सा है।
बड़े प्रोजेक्ट्स की ओर बढ़ते कदम
टाटा ग्रुप की कंस्ट्रक्शन कंपनी, Tata Projects ने महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एक बड़े ऑटोमोटिव मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के निर्माण का ठेका हासिल किया है। इस प्रोजेक्ट में असेंबली, प्रेस और वेल्ड शॉप्स जैसे महत्वपूर्ण प्रोडक्शन ज़ोन तैयार किए जाएंगे। कंपनी का काम सिर्फ सिविल और स्ट्रक्चरल निर्माण तक सीमित नहीं होगा, बल्कि मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और प्लंबिंग सिस्टम की स्थापना से लेकर टेस्टिंग और कमीशनिंग की जिम्मेदारी भी कंपनी की होगी।
यह कदम Tata Projects की उस नई रणनीति को दर्शाता है, जिसमें कंपनी पारंपरिक कंस्ट्रक्शन से हटकर सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन, बैटरी मैन्युफैक्चरिंग और बड़े डेटा सेंटर्स जैसे हाई-टेक और टेक्नोलॉजी-इंटेंसिव प्रोजेक्ट्स पर फोकस कर रही है।
नई लीडरशिप का इम्तिहान
अगस्त 2026 में सुकुमार हेब्बार को कंपनी का नया एमडी और सीईओ नियुक्त किया गया था। इस नए कॉन्ट्रैक्ट के साथ उनके कंधों पर ईपीसी (EPC) सेक्टर की कड़ी प्रतिस्पर्धा में कंपनी को आगे ले जाने की जिम्मेदारी है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि हाई-वैल्यू प्रोजेक्ट्स पर जोर देना कंपनी की मार्जिन और वित्तीय स्थिति को सुधारने का एक बड़ा प्रयास है।
निवेशकों के लिए जरूरी बात
बता दें कि Tata Projects एक अनलिस्टेड पब्लिक कंपनी है, इसलिए इसमें आम निवेशकों के लिए सीधे शेयर बाजार के जरिए निवेश का रास्ता नहीं है। 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर में कंपनी को नेट लॉस का सामना करना पड़ा था। ईपीसी सेक्टर की जटिलताओं और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के बीच, इस प्रोजेक्ट की सफलता कंपनी के लिए वित्तीय मोर्चे पर टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है। फिलहाल मार्केट की नजरें कंपनी के ऑर्डर बुक की ग्रोथ और प्रोजेक्ट को तय समय सीमा में पूरा करने पर टिकी हैं।
