डील की अहमियत
Vayona Energy, जो Murguppa Group द्वारा समर्थित है, ने Tata Power Renewable Energy Ltd (TPREL) को 195 SG 3.6-145 विंड टर्बाइन की सप्लाई के लिए एक महत्वपूर्ण करार किया है। इस समझौते से कर्नाटक, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में 702 MW की नई रिन्यूएबल कैपेसिटी जुड़ेगी। TPREL की मौजूदा कैपेसिटी जुलाई 2025 तक 5.6 GW (जिसमें 4.6 GW सोलर और 1 GW विंड शामिल है) थी, और कंपनी का लक्ष्य फाइनेंशियल ईयर 26 के अंत तक इसे 7.3 GW तक पहुंचाना है। SG 3.6-145 मॉडल भारतीय बाजार के लिए एक भरोसेमंद प्लेटफॉर्म है, जो अपनी कुशलता और लागत-प्रभावीता के लिए जाना जाता है। यह पिछले मॉडलों की तुलना में अधिक रोटर स्वैप्ट एरिया (rotor swept area) के साथ आता है, जिससे सालाना ऊर्जा उत्पादन (Annual Energy Production - AEP) में वृद्धि होती है।
मार्केट का नज़रिया
यह डील Vayona Energy के लिए भी एक बड़ी जीत है, जिसके पास 12 GW से अधिक की ऑपरेशनल और डेवलपमेंट एसेट्स हैं। यह भारत के तेजी से बढ़ते विंड एनर्जी मार्केट का फायदा उठाने में मदद करेगा। भारत का रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर ज़बरदस्त ग्रोथ देख रहा है, और सरकार का लक्ष्य 2030 तक 500 GW नॉन-फॉसिल फ्यूल कैपेसिटी हासिल करना है। अक्टूबर 2025 तक, देश की इंस्टॉल रिन्यूएबल कैपेसिटी लगभग 251 GW तक पहुँच चुकी थी। इस प्रतिस्पर्धी माहौल में, Siemens Gamesa जैसे खिलाड़ी भी भारत में अपने SG 3.6-145 प्लेटफॉर्म के साथ महत्वपूर्ण बाजार हिस्सेदारी बनाए हुए हैं।
TPREL का प्रदर्शन और फाइनेंस
TPREL ने हाल ही में अपने रिन्यूएबल कैपेसिटी विस्तार में कुछ समायोजन देखे हैं। भारी बारिश के कारण साइट एक्सेस की चुनौतियों के चलते फाइनेंशियल ईयर 26 की पहली छमाही (H1 FY26) में केवल 205 MW कैपेसिटी जोड़ी गई। इसके परिणामस्वरूप, कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 26 के लक्ष्य को 2.5 GW से घटाकर 1.5 GW कर दिया है, जिसमें दूसरी छमाही (H2 FY26) में 1.3 GW जोड़े जाने की उम्मीद है। इन अल्पकालिक बाधाओं के बावजूद, TPREL अपने दीर्घकालिक लक्ष्य, यानी FY30 तक 33 GW ग्रीन एनर्जी कैपेसिटी तक पहुंचने के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी के रिन्यूएबल बिजनेस ने दूसरी तिमाही (Q2 FY26) में 70% की मजबूत प्रॉफिट ग्रोथ दर्ज की है। 23 फरवरी 2026 को Tata Power का शेयर लगभग ₹378.00 पर ट्रेड कर रहा था। इस समय कंपनी का P/E रेशियो लगभग 31.83 था, जबकि सेक्टर का P/E रेशियो 35.94 के आसपास था, जो दर्शाता है कि Tata Power अपने इंडस्ट्री के साथियों की तुलना में थोड़ी डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहा है।
चुनौतियाँ और जोखिम
हालांकि, इस डील से ग्रोथ के संकेत मिले हैं, लेकिन Tata Power के फाइनेंशियल लीवरेज और एग्जीक्यूशन एफिशिएंसी को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। कंपनी पर काफी कर्ज है; 20 फरवरी 2026 तक डेट-टू-इक्विटी रेशियो 156.2% था (मार्च 2025 में 1.62)। यह उच्च लीवरेज तब बोझ बन सकता है जब ब्याज दरें बढ़ती हैं या प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन में और देरी होती है। एनालिस्ट्स की राय मिली-जुली रही है। MarketsMojo ने 19 फरवरी 2026 को Tata Power को 'Strong Sell' रेटिंग दी थी, जो खराब टेक्निकल इंडिकेटर्स और निराशाजनक फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हवाला देते हुए थी। इसके अलावा, TPREL का EBITDA मार्जिन 19.8% है, जो Adani Green Energy Limited (AGEL) के 79.2% की तुलना में काफी कम है। यह अंतर TPREL के इंटीग्रेटेड बिजनेस मॉडल और AGEL के केवल जनरेशन-फोक्स्ड एप्रोच के कारण भी है।
भविष्य की राह
इसके बावजूद, एनालिस्ट्स Tata Power के लिए एक सावधानीपूर्वक आशावादी दृष्टिकोण बनाए हुए हैं। उनका कंसेंसस रेटिंग 'Outperform' है और औसत टारगेट प्राइस ₹408.86 है। कंपनी की अर्निंग्स और रेवेन्यू में क्रमशः लगभग 20.1% और 10.2% प्रति वर्ष की वृद्धि का अनुमान है। TPREL अपने दीर्घकालिक लक्ष्य, यानी FY30 तक 33 GW ग्रीन एनर्जी कैपेसिटी तक पहुंचने की राह पर है, जिसमें FY27 से आगे महत्वपूर्ण विस्तार की योजना है। रिन्यूएबल एनर्जी पर लगातार फोकस और 2030 तक 500 GW नॉन-फॉसिल फ्यूल कैपेसिटी हासिल करने वाली सहायक सरकारी नीतियां TPREL को भारत के एनर्जी ट्रांजिशन से लाभ उठाने की स्थिति में रखती हैं।