Tata Power का बड़ा दांव: ओडिशा में नई सोलर प्लांट की तैयारी, ग्रीन एनर्जी पर फोकस

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Tata Power का बड़ा दांव: ओडिशा में नई सोलर प्लांट की तैयारी, ग्रीन एनर्जी पर फोकस

Tata Power अपने ग्रीन एनर्जी पोर्टफोलियो का विस्तार करने की बड़ी तैयारी में है। कंपनी ओडिशा में एक नया सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने की योजना बना रही है, ताकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर जैसी नई इंडस्ट्रीज की बिजली मांग को पूरा किया जा सके।

सोलर पावर में विस्तार

Tata Power के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने बताया कि कंपनी ओडिशा में एक नया सोलर प्लांट स्थापित करने की योजना बना रही है। यह कदम कंपनी की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता को बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है। कंपनी की कुल जनरेशन कैपेसिटी का 66% हिस्सा पहले से ही क्लीन एनर्जी का है, और अब इसे और बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। कंपनी डेटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और बढ़ते कूलिंग लोड की वजह से बिजली की बढ़ी हुई मांग को पूरा करने के लिए खुद को तैयार कर रही है।

रिन्यूएबल कैपेसिटी में तेजी

वित्तीय वर्ष 2026 तक, Tata Power ने करीब 2.5 GW की नई रिन्यूएबल प्रोजेक्ट्स को चालू किया है। वर्तमान में, कंपनी के पास 5.1 GW के प्रोजेक्ट्स एग्जीक्यूशन (Execution) के तहत चल रहे हैं। जनरेशन के अलावा, कंपनी एनर्जी स्टोरेज पर भी निवेश कर रही है। इसके तहत 1,000 MW के भिवपुरी और 1,800 MW के शिरवाटा पम्प्ड हाइड्रो स्टोरेज प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है।

मैन्युफैक्चरिंग और ऑपरेशन

कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को भी बढ़ा रही है। तिरुनेलवेली में 4.3 GW की सोलर सेल और मॉड्यूल फैसिलिटी ने अपना पहला साल पूरा कर लिया है, जिससे डोमेस्टिक सप्लाई चेन को फायदा मिला है। कंज्यूमर सेगमेंट में, रूफटॉप सोलर सेगमेंट की कैपेसिटी 4 GW से ज्यादा हो गई है, जिसने तीन लाख से ज्यादा ग्राहकों को जोड़ा है। इसके साथ ही, कंपनी इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) इंफ्रास्ट्रक्चर का भी विस्तार कर रही है, जिसने दो लाख से ज्यादा होम EV चार्जर इंस्टॉलेशन का आंकड़ा पार कर लिया है।

ओडिशा डिस्ट्रीब्यूशन में सुधार

ओडिशा में Tata Power का डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस भी अब मुनाफे में आ गया है। पांच साल पहले राज्य के पावर डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर में आने के बाद, कंपनी ने अपने चार एक्वायर किए गए यूटिलिटीज को प्रॉफिटेबल बनाया है। ये यूटिलिटीज अब डिविडेंड (Dividend) भी दे रही हैं। इस सफलता का एक बड़ा कारण लॉसेस (Losses) को कम करना रहा है। अधिग्रहण के बाद से एग्रीगेट टेक्निकल और कमर्शियल (AT&C) लॉसेस में 15% की कमी आई है, जिसमें हालिया वित्तीय वर्ष में 2% का सुधार शामिल है।

कंपनी का ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क अब 7,000 सर्किट किलोमीटर तक फैला है, और 1,800 सर्किट किलोमीटर नेटवर्क डेवलपमेंट के तहत है। दिल्ली, मुंबई, अजमेर और ओडिशा में अपने डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों में कुल 13.1 मिलियन कंज्यूमर बेस के साथ, कंपनी ग्रिड स्टेबिलिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

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