यह सिर्फ ट्रकों की डिलीवरी नहीं, बल्कि भारत के भारी माल ढुलाई (long-haul) सेक्टर को इलेक्ट्रिक युग में ले जाने की एक बड़ी पहल है। इस डील के तहत, 250 और इलेक्ट्रिक प्राइम मूवर्स का ऑर्डर भी शामिल है, जिन्हें गुजरात, राजस्थान, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, दिल्ली-NCR और हरियाणा जैसे मुख्य फ्रेट कॉरिडोर (freight corridors) में तैनात किया जाएगा।
ये ट्रक 450 kWh की बड़ी बैटरी पैक से लैस हैं, जो एक बार चार्ज करने पर 350 किलोमीटर तक की रेंज देने में सक्षम हैं। इन्हें स्टील और सीमेंट जैसे भारी औद्योगिक सामानों की लंबी दूरी की ट्रांसपोर्टेशन के लिए डिज़ाइन किया गया है। BillionE Mobility का लक्ष्य अगले 18 महीनों में 1,500 हैवी-ड्यूटी लॉजिस्टिक्स यूनिट्स को अपने बेड़े में शामिल करना है।
शुरुआती चरण में 30 ई-ट्रकों को सौंपा गया है। Tata Motors के i-MoEV आर्किटेक्चर पर बने Prima E.55S में इंटीग्रेटेड ई-एक्सल और रीजेनरेटिव ब्रेकिंग (regenerative braking) जैसी आधुनिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। BillionE Mobility ने हाल ही में $25 मिलियन की फंडिंग जुटाई है, जो भारत भर में इलेक्ट्रिक ट्रकिंग विस्तार के लिए उनकी आक्रामक योजनाओं को दर्शाता है।
सरकारी स्कीम जैसे PM E-DRIVE के तहत प्रति वाहन ₹9.6 लाख तक की सब्सिडी मिल सकती है, जिससे इलेक्ट्रिक ट्रकों को बढ़ावा मिल रहा है। भारतीय इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल मार्केट के 2031 तक USD 17.48 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। हालांकि, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर (charging infrastructure) का विकास और इलेक्ट्रिक ट्रकों की शुरुआती ऊंची कीमत जैसी कुछ चुनौतियां अभी भी इस सेक्टर के सामने हैं।