अमेरिकी ऑपरेशन्स ने बिगाड़ा तिमाही का हाल
Tata Chemicals का ₹2,132 करोड़ का यह घाटा कंपनी के लिए एक बड़ा झटका है। कंसॉलिडेटेड नतीजों पर सबसे ज्यादा असर इसके यूएस बिजनेस में ₹1,837 करोड़ के गुडविल इंपेयरमेंट (Goodwill Impairment) और डेफरred टैक्स एसेट्स (Deferred Tax Assets) के राइट-ऑफ का रहा। इन राइट-ऑफ से साफ पता चलता है कि कंपनी के अमेरिकी कारोबार में कुछ बड़ी मुश्किलें चल रही हैं।
कमोडिटी की कीमतों का दबाव
कमजोर ग्लोबल सोडा ऐश (Soda Ash) की कीमतों और एक्सपोर्ट (Export) वॉल्यूम में गिरावट के चलते कंपनी का कुल रेवेन्यू (Revenue) पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 2% घटकर ₹3,438 करोड़ हो गया। EBITDA (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortisation) भी घटकर ₹274 करोड़ पर आ गया, जो पिछले साल ₹327 करोड़ था। इसकी वजह कई देशों में कमजोर प्राइसिंग और बढ़े हुए फिक्स्ड कॉस्ट (Fixed Costs) हैं, जिसमें भारतीय रुपए (Indian Rupee) के डेप्रिसिएशन (Depreciation) का असर भी शामिल है।
सेगमेंट का प्रदर्शन और स्टैंडअलोन मजबूती
बेसिक केमिस्ट्री प्रोडक्ट्स सेगमेंट (Basic Chemistry Products Segment), जिसमें सोडा ऐश शामिल है, को ₹1,802 करोड़ का घाटा हुआ, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ₹84 करोड़ का मुनाफा हुआ था। स्पेशलिटी प्रोडक्ट्स सेगमेंट (Specialty Products Segment) को ₹46 करोड़ का घाटा हुआ। हालांकि, कंपनी के स्टैंडअलोन (Standalone) ऑपरेशन्स ने थोड़ी राहत दी। स्टैंडअलोन रेवेन्यू 3% बढ़कर ₹1,254 करोड़ रहा, लेकिन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (Profit After Tax) 51% घटकर ₹48 करोड़ पर आ गया। स्टैंडअलोन EBITDA भी 6% गिरकर ₹216 करोड़ रहा।
भविष्य की रणनीति
Tata Chemicals ने सिंगापुर में Novabay Pte. Ltd. के अधिग्रहण को पूरा करने की घोषणा की है, जिससे स्पेशलिटी केमिकल्स (Specialty Chemicals) बिजनेस को मजबूती मिलेगी। बोर्ड ने मिथपुर प्लांट (Mithapur Plant) में नमक उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए ₹100 करोड़ के निवेश को भी मंजूरी दी है। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ R. Mukundan का कहना है कि ग्लोबल सोडा ऐश मार्केट में सप्लाई ज्यादा होने से कीमतों पर दबाव बना रहेगा। अनिश्चितताओं के बीच कंपनी अपने मार्जिन बचाने, कैश फ्लो (Cash Flow) बढ़ाने और बैलेंस शीट (Balance Sheet) को मजबूत रखने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
