Tata Chemicals ने केन्या सरकार के साथ मिलकर एक जॉइंट टेक्निकल कमिटी बनाई है। इसका मकसद Magadi सोडा ऐश प्लांट को लेकर चल रहे विवाद को खत्म करना है, जिसे लेकर केन्याई राष्ट्रपति ने हाल ही में ऑपरेशंस रोकने के निर्देश दिए थे।
केन्या सरकार के साथ यह समझौता Tata Chemicals की सहायक कंपनी, 'Tata Chemicals Magadi Limited' के लिए एक बड़ी राहत की कोशिश है। विवाद तब गहरा गया था जब जुलाई 2026 के अंत में केन्याई अधिकारियों ने मागादी प्लांट में कामकाज रोक दिया था और एक्सपोर्ट पर पाबंदी लगा दी थी। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब 3 सितंबर 2026 को केन्याई राष्ट्रपति विलियम रुतो ने कंपनी को अपना कारोबार पूरी तरह बंद करने का सार्वजनिक निर्देश दे दिया।
सरकार की चिंता और कंपनी का पक्ष
केन्या सरकार का आरोप है कि कंपनी स्थानीय स्तर पर औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक लाभ पहुंचाने में विफल रही है। वहीं, Tata Chemicals का कहना है कि वे सभी स्थानीय नियमों का पूरी तरह पालन कर रहे हैं। कंपनी ने अगस्त 2026 में मंत्रालय को दस्तावेज सौंपकर अपनी स्थिति स्पष्ट की थी।
निवेशकों के लिए क्या है रिस्क?
यह मागादी प्लांट कंपनी के इंटरनेशनल सोडा ऐश पोर्टफोलियो का एक अहम हिस्सा है। लंबी बंदी का सीधा असर कंपनी के कंसोलिडेटेड आउटपुट और फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर पड़ सकता है। 9 सितंबर 2026 को शेयर की कीमत ₹604.70 के आसपास थी और इस अनिश्चितता के चलते स्टॉक में काफी वोलैटिलिटी देखी जा रही है। अब निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कमिटी अपनी रिपोर्ट में क्या सिफारिश करती है और केन्याई कैबिनेट सेक्रेटरी का क्या फैसला आता है।
