Tasty Dairy Specialities मुश्किल में! इंसॉल्वेंसी प्रक्रिया के बीच रेवेन्यू 95% गिरा, ऑडिटर ने उठाए बड़े सवाल

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AuthorNeha Patil|Published at:
Tasty Dairy Specialities मुश्किल में! इंसॉल्वेंसी प्रक्रिया के बीच रेवेन्यू 95% गिरा, ऑडिटर ने उठाए बड़े सवाल
Overview

Tasty Dairy Specialities लिमिटेड की हालत बेहद नाजुक हो गई है। कंपनी कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) से गुजर रही है, जिसके चलते इसके रेवेन्यू में **95%** की भारी गिरावट आई है। इस बीच, ऑडिटर ने कंपनी के भविष्य पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जिससे इसकी 'गोइंग कंसर्न' यानी लगातार चलते रहने की क्षमता पर संदेह पैदा हो गया है।

📉 कंपनी की वित्तीय हालत पर एक नजर

Tasty Dairy Specialities Limited ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तिमाही और नौ महीनों के अन-ऑडिटेड अकेले वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी 7 अक्टूबर, 2025 से इंसॉल्वेंसी प्रक्रिया (CIRP) में है, जिसके कारण इसके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की शक्तियां निलंबित हैं और मैनेजमेंट की जिम्मेदारी रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (RP) के पास है। इस वजह से कंपनी मैनेजमेंट भविष्य की कोई जानकारी (forward-looking guidance) नहीं दे पा रहा है।

तिमाही नतीजे:
31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तीसरी तिमाही में, कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की इसी अवधि (Q3 FY25) के ₹169.76 लाख से घटकर महज ₹7.80 लाख रह गया। यह 95.4% की सालाना (YoY) गिरावट है। कुल इनकम भी ₹169.79 लाख से गिरकर ₹8.80 लाख हो गई। कंपनी ने टैक्स से पहले ₹73.74 लाख का लॉस दर्ज किया, जो Q3 FY25 में ₹232.77 लाख था। वहीं, डाइल्यूटेड ईपीएस (Diluted EPS) ₹(0.01) रहा, जबकि पिछले साल यह ₹(4.86) था।

नौ महीनों के नतीजे:
31 दिसंबर, 2025 को समाप्त नौ महीनों में, रेवेन्यू ₹644.27 लाख से 83.8% घटकर ₹104.23 लाख पर आ गया। टैक्स से पहले का लॉस ₹974.09 लाख से घटकर ₹205.70 लाख हो गया। डाइल्यूटेड ईपीएस दोनों अवधियों में ₹(4.86) ही रहा।

⚖️ बैलेंस शीट और फंड फ्लो

31 दिसंबर, 2025 तक कंपनी की कुल संपत्ति (Total Assets) ₹5,591.94 लाख रही, जो 31 मार्च, 2025 के ₹5,478.45 लाख से मामूली रूप से बढ़ी है। हालांकि, कंपनी की इक्विटी ₹3,459.04 लाख के नकारात्मक स्तर पर पहुंच गई है (जो पहले ₹2,872.86 लाख नेगेटिव थी)। नॉन-करंट लायबिलिटीज (Non-current liabilities) बढ़कर ₹7,261.16 लाख हो गई हैं, जो पहले ₹2,812.07 लाख थीं। करंट लायबिलिटीज (Current liabilities) ₹1,789.82 लाख पर आ गई हैं, जो पिछले साल ₹5,639.24 लाख थीं।

नौ महीनों के लिए कैश फ्लो फ्रॉम ऑपरेशन्स (Cash Flow from Operations) नेगेटिव ₹282.79 लाख रहा। फाइनेंसिंग एक्टिविटीज से ₹1,110.93 लाख मिले, जो मुख्य रूप से लॉन्ग-टर्म बोरिंग्स (long-term borrowings) से आए।

🚨 ऑडिटर की चिंताएं और मुख्य खतरे

इंडिपेंडेंट ऑडिटर की लिमिटेड रिव्यू रिपोर्ट में कई गंभीर बातें सामने आई हैं:

  • लगातार चलने की अनिश्चितता (Going Concern Uncertainty): जमा हुए नुकसान और पूरी तरह खत्म हो चुकी नेट वर्थ के कारण कंपनी के भविष्य में भी चलते रहने पर गंभीर संदेह है।
  • कानूनी मामले (Litigations): कंपनी कई कानूनी पचड़ों में फंसी है, जिनकी पूरी जानकारी न होने के कारण वित्तीय असर का आकलन करना मुश्किल है।
  • संबंधित पक्ष के लेन-देन (Related Party Transactions): CIRP से पहले Agrim Food LLP ने खर्चों का भुगतान किया था, और CIRP के बाद भी एसेट इस्तेमाल के एग्रीमेंट चल रहे हैं।
  • एसेट की बिक्री (Asset Sales): CIRP से पहले SARFAESI के तहत बेची गई कुछ एसेट्स को सस्पेंडेड मैनेजमेंट ने रिकॉर्ड में नहीं दिखाया, लेकिन उनकी संबंधित देनदारियां बनी हुई हैं।
  • अपुष्ट बैलेंस (Unconfirmed Balances): संडी डेटर्स, क्रेडिटर्स, लोन और एडवांसेज के बैलेंस कन्फर्म नहीं हैं और उनका मिलान नहीं हुआ है।
  • वसूल न होने का जोखिम (Recoverability Uncertainty): लोन और एडवांसेज जैसी कई एसेट्स के वापस मिलने पर अनिश्चितता बनी हुई है।
  • PNB ने गिरवी रखे शेयर बेचे: पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने गिरवी रखे शेयरों को इनकैश किया है और अब कंपनी की 27.02% इक्विटी पर उसका कब्जा है।
  • OCPS का वर्गीकरण: ऑप्शनली कनवर्टिबल प्रेफरेंस शेयर्स (OCPS) को लायबिलिटीज के तहत दिखाया गया है।

ऑडिटर ने कहा है कि उन्हें ऐसी कोई बात नहीं मिली है जिससे यह लगे कि वित्तीय नतीजों में कोई बड़ी गलती है, लेकिन दी गई सीमाओं के कारण वे यह आश्वासन नहीं दे सके कि ऑडिट में सभी महत्वपूर्ण मामले सामने आ जाएंगे। वित्तीय बयान 'नॉन-गोइंग कंसर्न' (यानी भविष्य में बंद होने की आशंका पर) आधार पर तैयार किए गए हैं।

🚩 जोखिम और आगे का रास्ता

कंपनी का मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशन बंद है। Tasty Dairy Specialities का भविष्य पूरी तरह से CIRP के नतीजों और नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) द्वारा रेजोल्यूशन प्लान को मंजूरी देने पर निर्भर करेगा। रेजोल्यूशन प्रोफेशनल कंपनी के अफेयर्स को इन चुनौतियों के बीच मैनेज कर रहा है।

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