TVS Supply Chain: Q3 में प्रॉफिट की वापसी! शेयर 13% चढ़ा, लेकिन ये चिंताएं अभी भी कायम

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
TVS Supply Chain: Q3 में प्रॉफिट की वापसी! शेयर 13% चढ़ा, लेकिन ये चिंताएं अभी भी कायम
Overview

TVS Supply Chain Solutions के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। 11 फरवरी 2026 को कंपनी के शेयर **13%** तक उछल गए। वजह रही कंपनी की तीसरी तिमाही (Q3) की दमदार अर्निंग्स, जिसने पिछले साल के नेट लॉस को प्रॉफिट में बदल दिया और मार्जिन भी बढ़ाए।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

Q3 में मुनाफे की वापसी: नतीजों से शेयर को मिली रफ्तार

बुधवार, 11 फरवरी 2026 को TVS Supply Chain Solutions के शेयरों में ज़बरदस्त तेज़ी देखी गई। स्टॉक 13.1% चढ़कर इंट्राडे में ₹122 के स्तर पर पहुंच गया। इस उछाल का मुख्य कारण कंपनी की तीसरी तिमाही के नतीजे थे, जो उम्मीद से कहीं बेहतर रहे। कंपनी ने दिसंबर तिमाही में ₹11.2 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि में हुए ₹23.8 करोड़ के नेट लॉस से एक बड़ी वापसी है। इस दौरान, कंपनी का रेवेन्यू 11% बढ़कर ₹2,715.8 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹2,444.6 करोड़ था। EBITDA में भी 36.7% का शानदार उछाल देखा गया, जो ₹205.8 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह ₹150.6 करोड़ था। इसके साथ ही, EBITDA मार्जिन भी सुधरकर 7.6% हो गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में 6.2% था। इन नतीजों के दम पर शेयर लगातार तीन ट्रेडिंग सेशन से ऊपर जा रहा है, जिसमें कुल 21% की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। हालांकि, पिछले एक साल की बात करें तो स्टॉक अभी भी 8.7% नीचे है।

स्ट्रक्चरल दिक्कतें: वैल्यूएशन और एफिशिएंसी की चिंताएं बरकरार

मज़बूत तिमाही नतीजों के बावजूद, TVS Supply Chain Solutions के सामने कुछ ऐसी चुनौतियां बनी हुई हैं जो निवेशकों की चिंता बढ़ा सकती हैं। सबसे बड़ा मुद्दा कंपनी का वैल्यूएशन (Valuation) है। हाल के समय में कंपनी का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो -350.15 से लेकर 78.4x तक रहा है। यह भारतीय लॉजिस्टिक्स इंडस्ट्री के औसत 19.2x P/E रेश्यो के मुकाबले काफी महंगा है। वहीं, इसके मुकाबले SJ Logistics (India) का P/E 8.52x और Timescan Logistics India का 4.9x है। इसके अलावा, कंपनी की कैपिटल एफिशिएंसी (Capital Efficiency) भी कमजोर नज़र आती है। रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) सिर्फ 3.86% और रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) 4.26% है, जो इंडस्ट्री के बेंचमार्क और ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (18.86% ROE) जैसे प्रमुख प्रतिस्पर्धियों से पीछे है। हालांकि, कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेश्यो गिरकर 0.68-0.72 के आसपास आ गया है, जो दर्शाता है कि कर्ज का बोझ मध्यम है। लेकिन, इंटरेस्ट कवरेज रेश्यो सिर्फ 1.4x है, जो यह संकेत देता है कि कंपनी को कर्ज चुकाने में थोड़ी दिक्कत हो सकती है। Q3 FY26 में ऑपरेशनल मार्जिन में सीक्वेंशियल सुधार के बावजूद, यह साल-दर-साल 7.57% से घटकर 6.82% पर आ गया, जो कंपनी के परिचालन पर लगातार पड़ रहे दबाव को दिखाता है। प्री-टैक्स प्रॉफिट में नॉन-ऑपरेटिंग इनकम का बड़ा योगदान भी दिखाता है कि मुख्य लॉजिस्टिक्स बिजनेस से स्थायी कमाई जेनरेट करने में अभी भी चुनौतियां हैं।

रेगुलेटरी जांच और कानूनी मामले बने हुए हैं चिंता का सबब

वित्तीय तस्वीर के साथ-साथ, कुछ रेगुलेटरी और कानूनी मामले भी कंपनी की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। TVS Supply Chain Solutions ने बताया है कि उसे टैक्स अथॉरिटीज से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के ज़्यादा क्लेम से जुड़े ऑर्डर मिले हैं। इनमें जमशेदपुर से FY 2018-19 से 2022-23 के लिए ₹4.9 करोड़ का GST डिमांड नोटिस शामिल है। गुजरात स्टेट टैक्स अथॉरिटी ने भी FY 2021-22 के लिए ₹45.59 लाख का टैक्स डिमांड, ₹32.71 लाख का इंटरेस्ट और ₹4.55 लाख का पेनाल्टी का आदेश दिया है। कंपनी का कहना है कि ये क्लेम मेंटेनेबल नहीं हैं और कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा, लेकिन वह कानूनी रास्ता अपनाएगी। एक अलग मामले में, नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने ZTE Telecom India के खिलाफ ₹5.03 करोड़ के बकाया पर TVS Supply Chain Solutions द्वारा दायर दिवालियापन याचिका को खारिज कर दिया था, क्योंकि यह पहले से विवादित था। TVS Supply Chain Solutions इस फैसले के खिलाफ नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) में अपील कर रही है, जो विवादित बकाए को वसूलने के लिए उसके कानूनी दांव-पेंच को दर्शाता है।

सेक्टर ग्रोथ के बीच ऑपरेशनल चुनौतियां

ओवरऑल, भारतीय लॉजिस्टिक्स सेक्टर में ज़बरदस्त ग्रोथ की उम्मीद है, जो 2026 तक 10.7% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ सकता है। ई-कॉमर्स में बढ़ोतरी, PM GatiShakti जैसी सरकारी पहलों और मैन्युफैक्चरिंग में तेज़ी इसके मुख्य कारण हैं। हालांकि, सेक्टर को बढ़ती परिचालन लागत और कड़ी प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। TVS Supply Chain Solutions ने सेक्टर की इस तेज़ी का फायदा उठाकर तिमाही नतीजे तो सुधारे हैं, लेकिन कंपनी के अपने प्रदर्शन में मिले-जुले संकेत हैं। एनालिस्ट्स की राय आम तौर पर सकारात्मक है, 'Buy' रेटिंग और ₹137 का औसत 12-महीने का टारगेट प्राइस है। अनुमान है कि अगले तीन सालों में रेवेन्यू ग्रोथ 8% सालाना रहेगी और ऑपरेटिंग इनकम में 46% का CAGR दर्ज होगा। लेकिन, मौजूदा वैल्यूएशन और ऑपरेशनल एफिशिएंसी को देखते हुए, कंपनी इस रेवेन्यू ग्रोथ को लगातार मुनाफे और शेयरधारकों के लिए वैल्यू में कैसे बदल पाएगी, यह देखना अहम होगा।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.