TRUSUS Nakayama ने बाहर काम करने वाले मजदूरों के लिए 'Do Hiemon Box' नाम का पोर्टेबल कूलिंग बूथ पेश किया है, जिसकी कीमत **15 लाख येन** है। यह डिवाइस निर्माण और लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टरों में गर्मी से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने का लक्ष्य रखता है।
Detailed Coverage
बढ़ते ग्लोबल तापमान के बीच, बाहर और फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों के लिए ऑपरेशनल और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं। इसी को देखते हुए जापान की कंपनी TRUSUS Nakayama ने 'Do Hiemon Box' नाम का एक खास कूलिंग यूनिट पेश किया है। SDRS के साथ मिलकर विकसित किया गया यह पोर्टेबल बूथ, निर्माण स्थलों, लॉजिस्टिक्स हब और वेयरहाउस जैसी जगहों पर काम करने वाले मजदूरों को तुरंत राहत देने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जहाँ गर्मी का तनाव (Heat Stress) एक आम समस्या है।
कैसे काम करता है यह कूलिंग बूथ?
यह बूथ एक वॉक-इन कूलिंग यूनिट की तरह काम करता है, जो अंदर का तापमान 15 डिग्री सेल्सियस बनाए रखता है। इसमें एक खास एयरफ्लो सिस्टम लगा है जो 5 डिग्री सेल्सियस वाली ठंडी हवा को सिर और गर्दन की तरफ भेजता है, जिससे यूजर्स सिर्फ पांच मिनट में अपने शरीर का तापमान काफी कम कर सकते हैं। सुरक्षा के लिहाज़ से, ओवरकूलिंग से बचाने के लिए 20 मिनट बाद यह यूनिट अपने आप बंद हो जाती है। साथ ही, इसे पहियों पर लगाया गया है ताकि इसे एक वर्कसाइट से दूसरी जगह ले जाना आसान हो, और इसके लिए किसी स्थायी इंफ्रास्ट्रक्चर की ज़रूरत नहीं पड़ती।
बिज़नेस और फाइनेंस पर असर
फाइनेंशियल और ऑपरेशनल नज़रिए से, 'Do Hiemon Box' की कीमत 15 लाख येन (टैक्स अलग) रखी गई है। हालांकि, इतनी ज़्यादा शुरुआती कीमत छोटे फर्मों के लिए एक बाधा बन सकती है, कंपनी इसे किराए पर देने के विकल्प भी दे रही है, जिससे यह टेक्नोलॉजी ज़्यादा लोगों के लिए सुलभ हो सकती है। यह डिवाइस एनर्जी एफिशिएंट भी है और कहा जा रहा है कि यह पारंपरिक स्पॉट एयर कंडीशनर की तुलना में करीब आधी बिजली की खपत करता है। इंडस्ट्रियल कंपनियों के लिए, यह उत्पाद सुरक्षा प्रोटोकॉल को आधुनिक बनाने की दिशा में एक कदम है, जिससे गर्मी संबंधी बीमारियों के कारण होने वाले डाउनटाइम को कम किया जा सके।
निवेशकों को ध्यान देना चाहिए कि यह लॉन्च कंपनी के इंडस्ट्रियल सेफ्टी प्रोडक्ट्स पर फोकस को दर्शाता है, लेकिन इसका फाइनेंशियल असर इस बात पर निर्भर करेगा कि यह टेक्नोलॉजी कितनी जल्दी कमर्शियली अपनाई जाती है और रेंटल मॉडल कितना कारगर साबित होता है। चूंकि यह यूनिट एक मास-मार्केट कंज्यूमर प्रोडक्ट के बजाय एक स्पेशलाइज्ड सेफ्टी टूल है, इसलिए इसके कुल रेवेन्यू में योगदान इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी बड़ी कंस्ट्रक्शन या इंफ्रास्ट्रक्चर फर्मों से कितने बल्क ऑर्डर हासिल कर पाती है। हितधारकों के लिए अगली बड़ी खबर यह होगी कि यह प्रोडक्ट मार्केट में कितनी तेज़ी से पैठ बनाता है और क्या कंपनी उत्पादन को बढ़ाकर यूनिट की लागत कम कर पाती है, जिससे उसके इंडस्ट्रियल गुड्स डिविजन के प्रॉफिट मार्जिन में सुधार हो सके।
