एक्सपोर्ट ऑर्डर की खबर से TARIL की रॉकेट सी उड़ान!
इस बंपर एक्सपोर्ट ऑर्डर की खबर ने TARIL के निवेशकों की मानो लॉटरी लगा दी है। यह ऑर्डर PDC AK LPIV LLC से मिला है और इसमें 5 ट्रांसफार्मर की सप्लाई शामिल है, जिनकी डिलीवरी 2027 के मध्य तक होनी है।
यह ऑर्डर ऐसे समय आया है जब कंपनी के Q4FY26 के नतीजे भी काफी मजबूत रहे हैं। फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए कंपनी के रेवेन्यू में पिछले साल के मुकाबले 16% की बढ़त दर्ज हुई है, जबकि नेट प्रॉफिट 20% उछला है।
इस खबर के आते ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर TARIL के शेयर ₹329.40 के ऊपरी स्तरों को छू गए। ट्रेडर्स की मानो भीड़ लग गई, करीब 2 करोड़ शेयरों का कारोबार हुआ, जो सामान्य दिनों से काफी ज्यादा है। BSE पर भी वॉल्यूम में ऐसी ही बढ़ोतरी दिखी।
सेक्टर ग्रोथ और वैल्यूएशन पर एक्सपर्ट्स की नज़र
TARIL जिस इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट सेक्टर में काम करती है, वह तेजी से बढ़ रहा है। ग्रिड मॉडर्नाइजेशन और रिन्यूएबल एनर्जी की मांग इस सेक्टर के लिए गेम चेंजर साबित हो रही है। TARIL का मौजूदा P/E रेश्यो (लगभग 31-36x TTM), ABB India (लगभग 80-93x) और CG Power (लगभग 96-117x) जैसे बड़े प्लेयर्स की तुलना में काफी आकर्षक लगता है। हालांकि, KEC International (22-26x) और Polycab India (45-54x) जैसे कुछ प्रतिस्पर्धियों का P/E इससे कम या ज्यादा है।
शेयर की पिछली परफॉरमेंस और एनालिस्ट्स की राय
पिछले साल के बड़े करेक्शन के बाद, TARIL के शेयर ने 2026 में अब तक 12% का शानदार रिटर्न दिया है, जो Nifty 50 (जो 7.7% गिरा है) से काफी बेहतर है। पिछले एक महीने में ही शेयर 26% चढ़ चुका है।
हालांकि, सब कुछ इतना भी सुनहरा नहीं है। कई एनालिस्ट्स की राय बंटी हुई है। कुछ 'Sell' रेटिंग दे रहे हैं, तो कुछ 'Outperform' की सलाह दे रहे हैं। ब्रोकरेज फर्मों के टारगेट प्राइस भी ₹308 से ₹398 के बीच हैं। हाल की नतीजों के बाद कंसेंसस टारगेट कम हुए हैं। GuruFocus ने तो इसे 'Possible Value Trap' भी करार दिया है। मार्जिन पर थोड़ा दबाव और लंबे समय बाद ऑर्डर का रेवेन्यू में बदलना, निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकता है।
मैनेजमेंट का भरोसा और डिविडेंड
कंपनी के MD & CEO, Satyen J Mamtora, FY26 को एक मजबूत परफॉरमेंस वाला साल बता रहे हैं। उनका कहना है कि कंपनी कैपेसिटी बढ़ाने, टेक्नोलॉजी सुधारने और प्रॉफिट मार्जिन बढ़ाने पर फोकस कर रही है। बोर्ड ने 25% का डिविडेंड देने की भी सिफारिश की है, जिसे शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मिलनी बाकी है।
मैनेजमेंट का भरोसा और सेक्टर की तेजी अच्छी है, लेकिन एनालिस्ट्स की चिंताएं और पिछले साल का करेक्शन बताती है कि निवेशकों को अभी सावधानी से आगे बढ़ना होगा।
