सेगमेंट की ताकत बनी ग्रोथ का सहारा!
Syrma SGS Technology ने Q3FY26 में मज़बूत नतीजे पेश किए हैं, जो भारतीय EMS (Electronics Manufacturing Services) सेक्टर में तेज़ी का फायदा उठाते दिख रहे हैं। इस शानदार परफॉरमेंस का मुख्य कारण कंपनी के अलग-अलग सेगमेंट्स में ज़बरदस्त ग्रोथ रही। कंपनी का कुल रेवेन्यू सालाना आधार पर 45% की छलांग लगाकर काफी मज़बूत स्थिति में पहुंचा है।
ग्रोथ के पीछे क्या है?
इस रेवेन्यू ग्रोथ की सबसे बड़ी वजह IT और रेलवे सेगमेंट्स रहे, जिनमें 65% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी देखी गई। इसके अलावा, हेल्थकेयर, इंडस्ट्रियल, ऑटो और कंज्यूमर सेगमेंट्स ने भी 47%, 45%, 44% और 43% की ईयर-ऑन-ईयर ग्रोथ दर्ज की। इन सभी सेगमेंट्स में मिली-जुली मज़बूत डिमांड के कारण कंपनी का बिज़नेस मिक्स बेहतर हुआ, जिससे EBITDA मार्जिन पिछले साल के मुकाबले 350 बेसिस पॉइंट तक बढ़ गए। कंपनी का ऑपरेशनल कैश फ्लो भी दिसंबर तिमाही में पॉजिटिव रहा और यह नई PCB मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज़ में भी निवेश कर रही है।
ब्रोकरेज की राय और भविष्य की उम्मीदें
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal इस स्टॉक पर काफी बुलिश है। उन्होंने 'BUY' रेटिंग बरकरार रखते हुए शेयर के लिए ₹1,000 का टारगेट प्राइस सेट किया है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि Syrma SGS Technology अगले कुछ सालों में भी यह मज़बूत ग्रोथ बनाए रखेगी। FY25 से FY28 के बीच कंपनी के रेवेन्यू में 30% CAGR और EBITDA में 45% CAGR की ग्रोथ का अनुमान है। वहीं, एडजस्टेड PAT (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) में 52% CAGR की और तेज़ी की उम्मीद है।
फंड का इस्तेमाल और वैल्यूएशन
कंपनी ने हाल ही में ₹1,000 करोड़ के QIP (Qualified Institutional Placement) फंड्स का पूरा इस्तेमाल कर लिया है, जिनका उपयोग एक्विजिशन, डेट चुकाने और अन्य खर्चों में किया गया है। Motilal Oswal के अनुसार, ₹1,000 के टारगेट प्राइस के हिसाब से स्टॉक का P/E मल्टीपल FY28 के अनुमानित EPS का 32 गुना होगा। कंपनी का मौजूदा मार्केट कैप लगभग ₹14,700 करोड़ के आसपास है, और इसका TTM P/E ratio 49x से 77x के बीच चल रहा है, जिसे ब्रोकरेज भविष्य की कमाई के मजबूत अनुमानों के चलते उचित मान रहा है।
सेक्टर की तेज़ी और Syrma का दबदबा
Syrma SGS Technology भारत के तेज़ी से बढ़ते EMS (Electronics Manufacturing Services) सेक्टर का हिस्सा है। यह सेक्टर 27% CAGR से बढ़कर FY28 तक ₹27.7 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। 'चाइना+1' स्ट्रैटेजी और 'मेक इन इंडिया' जैसी सरकारी पहलों से इसे और बल मिल रहा है। इस तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹100 करोड़ के पार पहली बार पहुंचा, जिसका श्रेय ऑटोमोटिव, मेडिकल और डिफेंस जैसे हाई-मार्जिन एक्सपोर्ट्स को जाता है। कंपनी के शेयर ने 30 जनवरी 2026 को नतीजों के बाद लगभग 11% की तेज़ी भी दर्ज की थी।