Syrma SGS Technology ने वित्त वर्ष 2028 तक **$1 बिलियन** का रेवेन्यू हासिल करने का बड़ा लक्ष्य रखा है। कंपनी की दूसरी तिमाही में रेवेन्यू में **74%** का जबरदस्त उछाल आया है, हालांकि सप्लाई चेन की चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं।
मुनाफे में धमाकेदार तेजी
कंपनी ने हाल ही में अपने वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही के नतीजे पेश किए हैं, जो काफी प्रभावशाली रहे। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू करीब ₹2,000 करोड़ तक पहुंच गया है, जो पिछले साल की तुलना में 74% अधिक है। साथ ही, नेट प्रॉफिट में भी 87% का बड़ा उछाल देखा गया है और यह ₹124 करोड़ पर पहुंच गया है।
विकास की मुख्य वजहें
कंपनी के हर सेगमेंट में चौतरफा ग्रोथ दिख रही है। ऑटोमोटिव सेक्टर ने इस बार सबसे ज्यादा दम दिखाया, जहां रेवेन्यू 91% बढ़कर ₹517 करोड़ हो गया। वहीं, ओडीएम (ODM) सेगमेंट का योगदान भी पहली छमाही में दोगुना होकर ₹591 करोड़ पर पहुंच गया है। इसके अलावा, अमेरिका और यूरोप जैसे बाजारों में एक्सपोर्ट 91% सालाना आधार पर बढ़ा है, जो अब कंपनी के कुल रेवेन्यू का 26% हिस्सा है।
ऑपरेशन्स और चुनौतियां
शानदार आंकड़ों के बावजूद कंपनी के सामने कुछ चुनौतियां बरकरार हैं। चिप्स और मेमोरी कंट्रोलर जैसे जरूरी पुर्जों की सप्लाई में अभी भी कमी है। इसके अलावा, प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) की कमी एक बड़ी बाधा बनी हुई है, जिससे डिलीवरी में देरी हो सकती है।
भविष्य की तैयारी और निवेश
इन चुनौतियों से निपटने के लिए कंपनी बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा कर रही है:
- आंध्र प्रदेश: मार्च 2027 तक नया PCB मैन्युफैक्चरिंग प्लांट शुरू होने की उम्मीद है।
- बेंगलुरु: Elemaster S P A Tecnologie Elettroniche के साथ एक जॉइंट वेंचर शुरू किया गया है।
- जोधपुर: अपनी सब्सिडियरी, Syrma Johari MedTech के जरिए मेडिकल प्लास्टिक और प्रिसिजन मोल्डिंग की नई फैसिलिटी पर काम चल रहा है।
निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि $1 बिलियन के लक्ष्य को पाने के लिए कंपनी भारी कैपिटल खर्च कर रही है। इससे शॉर्ट टर्म में कैश फ्लो और प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है। ऐसे में कंपनी के नए प्लांट्स के चालू होने की टाइमलाइन और कर्ज के स्तर पर नजर रखना जरूरी होगा।
