Swastika Infra Limited ने महाराष्ट्र की MSEDCL से ₹615.76 करोड़ का एक बड़ा कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है। भांडुप ज़ोन में पावर इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने के लिए मिला यह प्रोजेक्ट कंपनी के अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर है।
प्रोजेक्ट की डिटेल्स और टाइमलाइन
कंपनी को यह इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) कॉन्ट्रैक्ट ₹615.76 करोड़ में मिला है, जिसे 24 महीनों के भीतर पूरा किया जाना है। इस प्रोजेक्ट को एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) द्वारा फंड किया जा रहा है। कंपनी को भांडुप ज़ोन में नए सबस्टेशन बनाने, हाई-टेंशन और लो-टेंशन लाइनें बिछाने और डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर लगाने का काम सौंपा गया है। इसके अलावा, ग्रिड मैनेजमेंट को बेहतर बनाने के लिए अंडरग्राउंड केबलिंग और GIS मैपिंग भी की जाएगी।
ऑर्डर बुक और फाइनेंशियल स्थिति
यह कॉन्ट्रैक्ट कंपनी के लिए एक बड़ा माइलस्टोन है। इसके साथ ही, कंपनी की अन-एक्जीक्यूटेड ऑर्डर बुक बढ़कर लगभग ₹1,400 करोड़ हो गई है। गौरतलब है कि कंपनी ने 30 सितंबर, 2026 को ही शेयर बाजार में कदम रखा था। FY26 में कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹504 करोड़ था, ऐसे में यह नया ऑर्डर भविष्य के लिए रेवेन्यू विजिबिलिटी को काफी मजबूत बनाता है।
निवेशकों के लिए जरूरी बातें
भले ही यह खबर बिजनेस ग्रोथ के लिए सकारात्मक है, लेकिन निवेशकों को कुछ पहलुओं पर नजर रखनी चाहिए। प्रोजेक्ट का स्केल कंपनी के मौजूदा आकार के हिसाब से काफी बड़ा है, जिससे समय पर काम पूरा करने (Execution) की चुनौती बनी रहेगी। कंस्ट्रक्शन कंपनियों की तरह ही, Swastika Infra के सामने वर्किंग कैपिटल की जरूरतें भी होंगी। सरकारी प्रोजेक्ट्स में पेमेंट साइकिल का ध्यान रखना और कैश फ्लो मैनेज करना कंपनी के लिए महत्वपूर्ण होगा। निवेशकों को आने वाली तिमाही नतीजों में कंपनी के कर्ज के स्तर और वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट पर बारीक नजर रखनी चाहिए।
