नए ऑर्डर और ऑर्डर बुक में मजबूती
Supreme Power Equipment ने हाल ही में घोषणा की है कि उसे ₹128 करोड़ मूल्य के चार नए डोमेस्टिक ऑर्डर मिले हैं। इसमें उसकी सब्सिडियरी Danya Electric का ₹96 करोड़ का हिस्सा भी शामिल है। इन ऑर्डर्स के तहत पावर और डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर अगले 11 से 17 महीनों में डिलीवर किए जाएंगे। कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर Vee Rajmohan ने कहा कि लगातार ऑर्डर मिलना बाजार की मजबूत मांग और कंपनी के एग्जीक्यूशन (execution) पर भरोसे को दर्शाता है।
भारतीय पावर सेक्टर में बूम
यह ऑर्डर ऐसे समय में आए हैं जब भारतीय पावर सेक्टर में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। आने वाले छह सालों में इस सेक्टर में करीब ₹7.6 ट्रिलियन के निवेश का अनुमान है। बिजली की बढ़ती मांग, सरकारी पहलों और रिन्यूएबल एनर्जी (renewable energy) की ओर बढ़ते रुझान के कारण यह सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है।
वैल्यूएशन पर चिंता
हालांकि, इन सबके बीच, कंपनी की वैल्यूएशन (Valuation) पर सवाल उठ रहे हैं। हाल के महीनों में Supreme Power Equipment के शेयर की कीमतों में काफी तेजी आई है, जिससे इसका प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो बढ़कर 32 के आसपास पहुंच गया है, और कुछ रिपोर्टों में यह 37.42 तक भी गया है। यह वैल्यूएशन इंडस्ट्री के दूसरे खिलाड़ियों के मुकाबले 'बहुत महंगी' मानी जा रही है। उदाहरण के लिए, Mangal Electricals का P/E रेशियो 19.55 और Prostarm Info का 28.58 है।
कंपनी का मजबूत पक्ष
इन वैल्यूएशन चिंताओं के बावजूद, Supreme Power Equipment का प्रदर्शन मजबूत है। इसका रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 22.35% है और डेट-टू-इक्विटी रेशियो (debt-to-equity ratio) बहुत कम, लगभग 0.20 है। पिछले बारह महीनों में कंपनी के रेवेन्यू ग्रोथ (revenue growth) में भी 32% की अच्छी बढ़ोतरी हुई है। शेयर अपने 52-सप्ताह के हाई (52-week high) के करीब कारोबार कर रहा है।
बाजार की प्रतिक्रिया और आगे की राह
नए ऑर्डर की घोषणा के बावजूद, शेयर बाजार की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही, जिससे यह संकेत मिलता है कि बाजार में अन्य आर्थिक चिंताओं का भी असर है। रिटेल निवेशकों की बिकवाली और लिमिटेड एनालिस्ट कवरेज (limited analyst coverage) भी कुछ चिंताएं बढ़ा रहे हैं।
₹578 करोड़ का बड़ा ऑर्डर बुक कंपनी को फाइनेंशियल ईयर 2027 और 2028 के लिए अच्छी रेवेन्यू विजिबिलिटी (revenue visibility) देता है। मैनेजमेंट (management) का कैपेसिटी एक्सपेंशन (capacity expansion) पर फोकस इस बढ़ती मांग का फायदा उठाने के लिए महत्वपूर्ण है। कंपनी का प्रोडक्ट रेंज इसे भारत के बढ़ते पावर इंफ्रास्ट्रक्चर मार्केट में अच्छी स्थिति में रखता है। हालांकि, अपनी मौजूदा ऊंची वैल्यूएशन को सही ठहराने और ग्रोथ बनाए रखने के लिए कंपनी को एफिशिएंट ऑर्डर एग्जीक्यूशन, कॉस्ट मैनेजमेंट और BHEL, Siemens, ABB India जैसे बड़े खिलाड़ियों से मुकाबले में टिके रहना होगा।
