Supreme Industries: शेयर में आएगी तेजी? ब्रोकरेज का अनुमान, Q1 में रिकॉर्ड मुनाफा!

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Supreme Industries: शेयर में आएगी तेजी? ब्रोकरेज का अनुमान, Q1 में रिकॉर्ड मुनाफा!
Overview

Supreme Industries के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। ICICI Securities का अनुमान है कि जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में कंपनी के मुनाफे (Profit) में जोरदार उछाल आ सकता है। अनुमान है कि नेट प्रॉफिट **23.3%** बढ़कर **₹362.4 करोड़** तक पहुंच सकता है, जबकि सेल्स **22%** की तेजी के साथ **₹3,692.9 करोड़** रहने का अनुमान है।

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उम्मीद से ज़्यादा मिलेगा मुनाफा?

ब्रोकरेज फर्म ICICI Securities के मुताबिक, Supreme Industries के लिए जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही काफी शानदार रहने की उम्मीद है। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 23.3% बढ़कर ₹362.4 करोड़ तक पहुँच सकता है। वहीं, नेट सेल्स में 22% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹3,692.9 करोड़ पर पहुँच सकती है। कंपनी का EBITDA भी 36.3% उछलकर ₹567.2 करोड़ होने का अनुमान है। इस तेजी की मुख्य वजह बिल्डिंग मैटेरियल्स सेक्टर में लगातार बनी हुई मजबूत डिमांड है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और हाउसिंग मार्केट से आ रही है।

वैल्यूएशन और इनपुट कॉस्ट का खेल

Supreme Industries भारत के बिल्डिंग मैटेरियल्स सेक्टर की एक बड़ी कंपनी है, जो शहरीकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से फायदा उठा रही है। हालांकि, Astral Ltd. और Finolex Industries Ltd. जैसी कंपनियों के मुकाबले Supreme Industries का P/E रेश्यो (59.7) काफी ज़्यादा है (पीयर मीडियन 21.31, इंडस्ट्री एवरेज 41.39)। यह दिखाता है कि निवेशक कंपनी से भविष्य में ज़बरदस्त ग्रोथ की उम्मीद कर रहे हैं। अच्छी बात यह है कि कंपनी पर कर्ज़ (Debt) बहुत कम है, जिसका डेट-टू-इक्विटी रेश्यो (0.06) के करीब है।

लेकिन, कंपनी के सामने कुछ बड़ी चुनौतियां भी हैं। सबसे बड़ी दिक्कत है पॉलीमर जैसी कच्ची सामग्रियों की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव। क्रूड ऑयल की कीमतों से जुड़ाव के कारण पॉलीमर की लागत बढ़ रही है, जिससे कंपनी को चालू फाइनेंशियल ईयर के पहले नौ महीनों में ही ₹100-120 करोड़ का इन्वेंटरी लॉस (Inventory Loss) झेलना पड़ा है। इसके अलावा, लेबर इन्फ्लेशन (Labour Inflation) के कारण कंस्ट्रक्शन कॉस्ट (Construction Cost) भी बढ़ रही है।

आगे की राह में रिस्क और ब्रोकरेज की राय

ऊंची वैल्यूएशन के बावजूद, कंपनी को कई जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है। पॉलीमर की कीमतों में तेज़ी, मध्य पूर्व (Middle East) में तनाव के कारण सप्लाई चेन (Supply Chain) में रुकावटें और शिपिंग कॉस्ट (Shipping Cost) में बढ़ोतरी, ये सब मार्जिन पर दबाव डाल सकते हैं। कंपनी के Urse प्लांट में पर्यावरण नियमों के पालन से जुड़ी पुरानी समस्याएं भी चिंता का विषय हैं। परिवार द्वारा संचालित होने के बावजूद, भविष्य में नेतृत्व परिवर्तन (Succession Planning) को लेकर संभावित आंतरिक मतभेद भी एक रिस्क फैक्टर हो सकते हैं। Astral Ltd. और Finolex Industries जैसी कंपनियां, जिनकी अपनी बैकवर्ड इंटीग्रेशन (Backward Integration) की क्षमताएं हैं, से मुकाबला भी कड़ा है।

इन सबके बीच, ज़्यादातर एनालिस्ट (Analysts) अभी भी पॉजिटिव (Positive) दिख रहे हैं। 'Buy' रेटिंग और ₹3,944 का एवरेज टारगेट प्राइस, जो कि मौजूदा स्तरों से और ऊपर जाने की संभावना दिखाता है। HDFC Securities ने तो ₹4,770 तक का टारगेट दिया है। अगले तीन सालों में कंपनी की कमाई (Earnings) 21.5% और रेवेन्यू (Revenue) 12.6% सालाना की दर से बढ़ने का अनुमान है। कंपनी जल्द ही बोर्ड मीटिंग में ऑडिटेड नतीजों और डिविडेंड (Dividend) प्रस्तावों पर भी चर्चा करेगी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.