Q3 FY26 में Sunflag Iron & Steel की फाइनेंशियल तस्वीर कुछ ऐसी रही कि एक तरफ ग्रुप का मुनाफा खूब बढ़ा, तो दूसरी तरफ अकेले कंपनी का मुनाफा बुरी तरह पिट गया।
नतीजों का पूरा लेखा-जोखा:
कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 5.66% बढ़कर ₹942.47 करोड़ रहा। वहीं, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (PAT) 65.93% की ज़बरदस्त छलांग लगाते हुए ₹59.94 करोड़ पर पहुँच गया।
लेकिन, जब स्टैंडअलोन (standalone) फिगर्स देखे जाते हैं, तो तस्वीर बिलकुल उलट हो जाती है। भले ही स्टैंडअलोन रेवेन्यू 63.72% बढ़कर ₹942.47 करोड़ हुआ, लेकिन स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में 60.31% की भारी गिरावट आई और यह सिर्फ ₹11.67 करोड़ रह गया।
क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट?
यह बड़ा अंतर (divergence) बताता है कि ग्रुप लेवल पर ऑपरेशनल परफॉरमेंस तो अच्छी रही, मार्जिन सुधरे या लागतें नियंत्रित हुईं। पर, कंपनी लेवल पर प्रॉफिट क्यों गिरा, यह जांच का विषय है। हो सकता है कि स्टैंडअलोन लेवल पर कुछ खास खर्चे बढ़ गए हों या कोई एकमुश्त (one-off) घटना हुई हो।
एक्सेप्शनल लॉस और OCI का असर:
इसके अलावा, कंपनी ने नए लेबर कोड (labor codes) लागू होने के कारण ग्रेच्युटी और लीव लायबिलिटी में बदलाव से ₹8.70 करोड़ का 'एक्सेप्शनल लॉस' (exceptional loss) भी दर्ज किया है।
सबसे बड़ा झटका कंसोलिडेटेड लेवल पर 'अदर कॉम्प्रिहेंसिव इनकम' (OCI) में ₹2183.59 करोड़ के भारी-भरकम नुकसान के रूप में लगा। यह नुकसान इक्विटी इन्वेस्टमेंट्स (equity investments), खासकर Lloyds Metal & Energy Limited में, हुए 'मार्क-टू-मार्केट' (mark-to-market) वैल्यूएशन एडजस्टमेंट के कारण है। हालांकि, यह सीधे P&L स्टेटमेंट को प्रभावित नहीं करता, लेकिन टोटल कॉम्प्रिहेंसिव इनकम पर इसका असर दिखता है।
इसी के चलते, Q3 FY26 के लिए कंपनी की टोटल कॉम्प्रिहेंसिव इनकम ₹2123.65 करोड़ के भारी नुकसान में रही।
निवेशकों के लिए कंसोलिडेटेड और स्टैंडअलोन प्रॉफिट में इतना बड़ा अंतर चिंता का विषय है। इक्विटी मार्केट की अस्थिरता (volatility) और OCI लॉस के चलते बुक वैल्यू पर असर पड़ने का जोखिम भी बना रहता है।