नतीजों पर एक नजर: रेवेन्यू और प्रॉफिट में ग्रोथ
Subros Limited ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तिमाही और नौ महीनों के लिए अपने वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। स्टैंडअलोन आधार पर, Q3 FY26 में कंपनी का रेवेन्यू ₹94,768 लाख रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹82,098 लाख की तुलना में 15.43% ज्यादा है। तिमाही के लिए नेट प्रॉफिट (PAT) ₹3,484 लाख रहा, जिसमें 6.09% की साल-दर-साल (YoY) ग्रोथ देखी गई, जबकि पिछले साल यह ₹3,284 लाख था। बेसिक ईपीएस (EPS) बढ़कर ₹5.35 हो गया, जो पिछले साल ₹5.03 था।
कंसॉलिडेटेड नतीजों में भी यही रुझान दिखा। कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 15.43% बढ़कर ₹94,768 लाख हो गया। कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 5.56% की YoY ग्रोथ के साथ ₹3,475 लाख दर्ज किया गया।
नौ महीनों की अवधि (31 दिसंबर 2025 तक) में, स्टैंडअलोन रेवेन्यू 10.03% बढ़कर ₹2,70,576 लाख रहा, और नेट प्रॉफिट 11.41% बढ़कर ₹11,609 लाख पर पहुंच गया। कंसॉलिडेटेड नौ-माह रेवेन्यू भी ₹2,70,576 लाख (10.03% YoY ग्रोथ) रहा, और नेट प्रॉफिट 11.49% बढ़कर ₹11,632 लाख हो गया।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि नई लेबर कोड्स (Labour Codes) के प्रभाव के कारण ₹808 लाख का एक असाधारण खर्च (Exceptional Item) बुक किया गया, जिसने प्रॉफिट बिफोर टैक्स को प्रभावित किया है।
कैपेसिटी एक्सपेंशन को हरी झंडी: भविष्य की तैयारी
नतीजों के साथ ही, कंपनी के बोर्ड ने गुजरात में इलेक्ट्रिक और ICE कंप्रेसर के लिए एक बड़े क्षमता विस्तार (Capacity Expansion) को मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट की लागत ₹265 करोड़ बताई गई है। इस विस्तार के लिए फंड का इंतजाम मुख्य रूप से लोन (Debt) और कंपनी की आंतरिक कमाई (Internal Accruals) से किया जाएगा। कंपनी ने बताया कि यह विस्तार एक नए बिजनेस अवार्ड (Business Award) मिलने के कारण किया जा रहा है, जो भविष्य में इलेक्ट्रिक कंप्रेसर की बढ़ती मांग का संकेत देता है।
आगे क्या?outlook और रिस्क
निवेशकों के लिए, कंपनी के नए क्षमता विस्तार, खासकर इलेक्ट्रिक कंप्रेसर सेगमेंट का सफल निष्पादन महत्वपूर्ण होगा। नई लेबर कोड्स के वित्तीय प्रभाव को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करना भी कंपनी के लिए एक चुनौती बनी रहेगी। कंपनी का इलेक्ट्रिक और ICE दोनों सेगमेंट में ग्रोथ का फोकस, बदलते बाजार की जरूरतों को पूरा करने की उसकी रणनीति को दर्शाता है।