Nuvama का भरोसा और डेटा सेंटर की लहर
ब्रोकरेज हाउस Nuvama ने Sterlite Technologies पर 'Buy' रेटिंग बनाए रखते हुए अपना प्राइस टारगेट ₹200 से बढ़ाकर ₹280 कर दिया है। यह बड़ा बूस्ट कंपनी की उस नई स्ट्रेटेजी से आया है जिसमें वह डेटा सेंटर सेगमेंट पर फोकस कर रही है। पहले जहां कंपनी 5G और रूरल ब्रॉडबैंड जैसे टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान केंद्रित कर रही थी, वहीं अब वह तेजी से बढ़ते डेटा सेंटर मार्केट का फायदा उठाने की कोशिश में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑप्टिकल फाइबर की कुल मांग में डेटा सेंटर का हिस्सा 5% से बढ़कर 15-20% हो गया है, और Nuvama को उम्मीद है कि 2027 तक चीन को छोड़कर यह 30% तक पहुंच सकता है। इस खबर के बाद शेयर ₹219.35 तक पहुंच गया और ₹220.56 पर अपर सर्किट लगा, जो मजबूत खरीदारी का संकेत है। पिछले एक साल में स्टॉक ने करीब 167.92% का शानदार रिटर्न दिया है।
विश्लेषकों में राय बंटी, आगे क्या?
हालांकि, Nuvama के इस बुलिश (bullish) नजरिए के बावजूद, अन्य विश्लेषकों के बीच कंपनी के आउटलुक को लेकर राय बंटी हुई है। कई अन्य एनालिस्ट्स का टारगेट प्राइस ₹185-₹200 के आसपास है, जो Nuvama के ₹280 के टारगेट से काफी कम है। यह अंतर कंपनी की ग्रोथ की संभावनाओं और जोखिमों पर अलग-अलग विचारों को दर्शाता है। ग्लोबल ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) मार्केट में अच्छी ग्रोथ का अनुमान है, जो 5G, डेटा सेंटर और ब्रॉडबैंड के विस्तार से प्रेरित है। लेकिन Sterlite Technologies की बात करें तो, ग्लोबल (चीन को छोड़कर) OFC मार्केट शेयर FY24 में 12% से घटकर 8% रह गया है। कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी यूटिलाइजेशन (capacity utilization) भी करीब 50% बताई जा रही है। फाइनेंशियल ईयर 2025 में कंपनी का रेवेन्यू ₹39.96 बिलियन रहा, जो पिछले साल से 2.23% कम है, और नेट लॉस (net loss) बढ़कर -₹1.23 बिलियन हो गया। टेक्निकल चार्ट्स पर स्टॉक बुलिश दिख रहा है, जो अहम मूविंग एवरेज (moving average) से ऊपर ट्रेड कर रहा है।
कानूनी अड़चनें और वित्तीय चुनौतियां
इन सबके अलावा, Sterlite Technologies का भविष्य कुछ चुनौतियों और कानूनी मसलों से भी जुड़ा है। कंपनी का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो नेगेटिव (-204) है, जो भारी नुकसान को दर्शाता है। कंपनी की यूएस सब्सिडियरी (US subsidiary) को ट्रेड सीक्रेट के गलत इस्तेमाल के लिए $96.5 मिलियन का हर्जाना देने का आदेश दिया गया है, जबकि भारत में एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (Enforcement Directorate) ने FERA उल्लंघन के मामले में ₹35 करोड़ का जुर्माना लगाया है। इन कानूनी पचड़ों और घटते मार्केट शेयर के बीच, स्टॉक अपने ऑल-टाइम हाई ₹415 से अभी भी 47% नीचे है। कंपनी का मार्केट कैप (market cap) करीब ₹9,200-₹9,700 करोड़ है, जबकि Polycab India Ltd जैसी प्रॉफिटेबल कंपनियां ₹1 लाख करोड़ से ऊपर हैं।
आगे की राह: ग्रोथ की उम्मीद या जोखिम?
कुल मिलाकर, Sterlite Technologies डेटा सेंटर और ग्लोबल फाइबर ऑप्टिक्स मार्केट में अपनी पैठ जमाने की कोशिश कर रही है। लेकिन कंपनी के लिए अपनी स्ट्रेटेजी को प्रॉफिटेबल ऑर्डर में बदलना, घाटे को कम करना, कानूनी विवादों को सुलझाना और मार्केट शेयर को बढ़ाना अहम होगा। एनालिस्ट्स के बीच टारगेट प्राइस का बड़ा अंतर निवेशकों के लिए अनिश्चितता का संकेत देता है, जहां एक तरफ ग्रोथ की उम्मीदें हैं तो दूसरी तरफ वित्तीय और परिचालन जोखिम भी बने हुए हैं।